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जूतों से भी फैला रहा कोरोना वायरस? जानें बचने का क्या है तरीका

यूएसए के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में की गई एक रिसर्च में सामने आया है कि यह वायरस कार्डबोर्ड पर 24 घंटे जबकि स्टील और प्लास्टिक पर तीन दिन तक जीवित रह सकता है।

घातक कोरोना वायरस की वजह से पूरा विश्व सहम चुका है। वायरस से अबतक 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वहीं डेढ़ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। कोरोना वायरस एक व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। कोरोना के भारत में आने के बाद से लोग अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह के उपाय खोज रहे हैं। चाहे वह हाथ की सफाई हो या मास्क पहनना, वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं जिससे वायरस को दूर रखा जा सके। वहीं अभी इस बात की अटकलें हैं कि यह वायरस कितने समय तक अलग-अलवग सतहों पर जीवित रहता है। वैज्ञानिक इस पर फिलहाल रिसर्च कर रहे हैं।

यूएसए के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में की गई एक रिसर्च में सामने आया है कि यह वायरस कार्डबोर्ड पर 24 घंटे जबकि स्टील और प्लास्टिक पर तीन दिन तक जीवित रह सकता है। वहीं कई अन्य रिसर्च में दावा किया गया है कि वायरस आपके जूते पर अधिकतम पांच दिनों तक जीवित रह सकता है। चूंकि अधिकांश जूते चमड़े, रबर और प्लास्टिक से बने होते हैं इसलिए वे वायरस के एक और वाहक हो सकते हैं।

संक्रामक रोग विशेषज्ञ मैरी ई शिमट ने कहा कि वायरस के जीवित रहने का समय वास्तव में जिस तापमान पर कमरे में जूतों को रखा गया है इसपर निर्भर करता है। पर जूतों से संबंधित सामग्रियों पर की गई कई रिसर्च के अनुसार यह पांच दिन या उससे अधिक दिन तक जीवित रह सकता है।

आप वायरस के संभावित वाहक हो सकते हैं अगर आपके जूते एक संक्रमित जगह को छूते हैं या किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं जो कि पहले से ही छींक या खांसी से संक्रमित है। जब वह छींकता और खांसता है तो इसस दौरान आपके जूते पर वायरस बैठ सकता है और आपको संक्रमित भी कर सकता है। इस परिस्थिति से बचने के लिए आप घर में दाखिल होने से पहले बाहर ही अपने जूतों को उतार लें। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर पहने जाने वाले जूतों को पानी और साबुन से धोएं। ऐसे जूते जो कपड़े से बने हैं जिन्हें वॉशिंग मशीन में धोया जा सकता है उन्हें मशीन में ही धोएं। वहीं ऐसे जूतें जिन्हें धोया नहीं जा सकता उसपर सैनिटाइजर आदि केमिकल का इस्तेमाल करें।

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