पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना का ऐलान 2026-27 के पंजाब बजट में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर किया गया। योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाएगी और पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। नीचे इस योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
क्या है मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना
यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) का चुनावी वादा रही है। इसके तहत पंजाब की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जो अन्य महिलाओं से ज्यादा है।
सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घर के रोजमर्रा के खर्च पूरे करने और बच्चों की पढ़ाई में मदद करेगी। इस योजना को लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
योजना में किसे मिलेगा लाभ
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बड़ा दायरा है। सरकार के अनुसार पंजाब की करीब 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हो सकती हैं। योजना के तहत 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। हालांकि कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जैसे:
वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी
आयकर देने वाली महिलाएं
वर्तमान या पूर्व सांसद (MP) या विधायक (MLA)
इसके अलावा जो महिलाएं पहले से विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
97 प्रतिशत पात्रता का अनुमान कैसे लगाया गया
सरकार के अनुसार यह एक अनुमानित आंकड़ा है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के आधार पर माना गया कि लगभग 4 प्रतिशत महिलाएं आयकर देती हैं। पंजाब सरकार का अनुमान है कि राज्य में 3 प्रतिशत से कम महिलाएं आयकर देती हैं और लगभग 3 प्रतिशत महिलाएं सरकारी कर्मचारी हैं। इसलिए बाकी महिलाओं को इस योजना के लिए पात्र माना गया है।
सरकार ने यह भी कहा है कि योजना पूरी तरह वैकल्पिक है। यानी अगर कोई महिला इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहती तो उसे आवेदन करना जरूरी नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अनुमान है कि लगभग 80 से 85 प्रतिशत महिलाएं ही इस योजना के लिए आवेदन करेंगी, क्योंकि कई महिलाएं संपन्न परिवारों से हैं और वे इसका लाभ नहीं लेना चाहेंगी।
रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होगा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन से शुरू होगा। सरकार के स्वयंसेवक घर-घर जाकर महिलाओं का पंजीकरण करेंगे। आवेदन के लिए महिला का पंजाब का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही उसके पास आधार कार्ड और पंजाब पते वाला वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन के समय महिलाओं को अपने दस्तावेज तैयार रखने होंगे। फॉर्म भरने और दस्तावेज लेने के बाद डेटा को सत्यापन के लिए भेजा जाएगा ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित रहे।
पैसा कब से मिलेगा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि महिला किसी भी तारीख को रजिस्ट्रेशन कराए, उसे 1 अप्रैल से ही मासिक सहायता का लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए अगर कोई महिला 1 जून को रजिस्ट्रेशन करती है, तो भी उसे अप्रैल से मिलने वाली राशि दी जाएगी। सरकार इस योजना को लागू करने के लिए ऐप और सॉफ्टवेयर तैयार कर रही है ताकि प्रक्रिया आसान हो सके। जिन महिलाओं के पास बैंक खाता नहीं है, उनके लिए खाता खोलने की व्यवस्था भी की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना को लागू करने का काम तेजी से किया जाएगा और अधिकारी व स्वयंसेवक लगातार काम करेंगे ताकि पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिल सके।
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