मोबाइल एप के जरिए होगी जनगणना, देश में पहली बार होने जा रहा ऐसा

डेटा को सीधे मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने से डेटा संग्रह और उसके बाद के विश्लेषण के प्रक्रिया में तेजी आएगी। जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती नहीं होती है बल्कि, सारा ब्योरा होता है।

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यह फोटो प्रतीकात्मक है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि जनगणना 2021 की कवायद इस साल पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार होगा जब मतगणना की प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद के निचले सदन में कहा कि जाति के आंकड़े जारी करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

1860 के दशक में गणना की कवायद शुरू होने के बाद से यह 16वीं जनगणना होने जा रही है। गृह मंत्रालय ने कहा कि 2021 की जनगणना मोबाइल फोन ऐप के जरिए की जाएगी। इसका इस्तेमाल स्कूल के शिक्षकों द्वारा डेटा एकत्र करने के लिए किया जाएगा।

जनगणना पोर्टल की मदद से अलग-अलग आंकड़ों पर नजर रखी जाएगी और इसे मैनेज किया जाएगा। जनगणना फॉर्म में घर में उपलब्ध सुविधाओं, पेयजल और बिजली के स्रोत, व्यवसाय और परिवार के सदस्यों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं के बार में पूछा जा सकता है। हर व्‍यक्ति का डाटा जनगणना एक्‍ट 1948 के तहत दर्ज किया जाएगा और इसे किसी भी तरह से सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

डेटा को सीधे मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने से डेटा संग्रह और उसके बाद के विश्लेषण के प्रक्रिया में तेजी आएगी। जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती नहीं होती है बल्कि, सारा ब्योरा होता है। इसके आंकड़ों के आधार पर ही राज्य और केंद्र सरकार अपनी पॉलिसी बनाती हैं। पूरी जनगणना 16 भाषाओं में की जाएगी। हर 10 साल पर जनगणना की जाती है। जनगणना में कुल 31 लाख कर्मचारी हिस्सा लेंगे।

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