scorecardresearch

कोरोनाः पांच साल तक के बच्चों के लिए एंटीवायरल दवाएं और मास्क जरूरी नहीं, पढ़ें- और क्या कहती है केंद्र की ताजा गाइडलाइन

इस बीच, सरकार ने गुरुवार को बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में काफी कम मौतें हुई हैं। साथ ही टीकाकारण की उच्च दर के बाद मामलों में वर्तमान वृद्धि गंभीर बीमारी या मौत का कारण नहीं बन रही है।

covid-19, children, corona guidelines
यूपी के मुरादाबाद में आर्थिक तौर पर पिछड़े तबके के बच्चों को "ओपन क्लासरूम" में पढ़ाते हुए वॉलंटियर टीचर। (फाइल फोटोः पीटीआई)

केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार (20 जनवरी, 2022) को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता के बावजूद 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एंटीवायरल या मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का उपयोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है। अगर स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है तो उन्हें नैदानिक ​​​​सुधार के आधार पर 10 से 14 दिनों में इसकी खुराक कम करते जाना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘बच्चों और किशोरों (18 वर्ष से कम) में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए संशोधित व्यापक दिशा-निर्देश’ में यह भी कहा है कि पांच साल और उससे कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क की सिफारिश नहीं की जाती है। माता-पिता की सीधी देख-रेख में छह से 11 साल के बच्चे सुरक्षित और उचित तरीके से मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को वयस्कों की तरह ही मास्क पहनना चाहिए। हाल में संक्रमण के मामलों खासकर ओमीक्रोन स्वरूप के कारण मामलों में वृद्धि के मद्देनजर विशेषज्ञों के एक समूह द्वारा दिशा-निर्देशों की समीक्षा की गई।

मंत्रालय ने कहा कि अन्य देशों के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि ओमीक्रोन स्वरूप के कारण होने वाली बीमारी कम गंभीर है। हालांकि, महामारी की लहर के कारण सावधानीपूर्वक निगरानी की जरूरत है।

दिशा-निर्देश में संक्रमण के मामलों को लक्षण विहीन, हल्के, मध्यम और गंभीर के रूप में वर्गीकृत किया गया। मंत्रालय ने कहा कि बिना लक्षण वाले और हल्के मामलों में उपचार के लिए ‘एंटीमाइक्रोबियल्स या प्रोफिलैक्सिस’ की सिफारिश नहीं की जाती है।

मंत्रालय ने कहा कि मध्यम और गंभीर मामलों में एंटीमाइक्रोबियल्स दवाओं को तब तक नहीं देना चाहिए जब तक कि एक ‘सुपरएडेड इनफेक्शन’ का ​​संदेह ना हो। दिशा-निर्देश में कहा गया कि स्टेरॉयड का इस्तेमाल सही समय पर, सही खुराक में और सही अवधि के लिए किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों की आगे और नए साक्ष्य की उपलब्धता पर समीक्षा की जाएगी और इसे अद्यतन किया जाएगा।

12-14 साल के बच्चों को टीका का फैसला वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर होगा’: इस बीच, केंद्र ने गुरुवार को कहा कि 12-14 साल के बच्चों को कोविड-19 रोधी टीके लगाने के संबंध में फैसला वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर किया जाएगा और इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी. के. पॉल ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तो वे तीन महीने के बाद दूसरी या एहतियाती खुराक ले सकते हैं।

पढें यूटिलिटी न्यूज (Utility News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.