MP परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, अब नई कारों में भी लग सकेंगे पुराने नंबर; नहीं होगा ब्‍लॉक

मध्‍य प्रदेश परिवहन विभाग के इस फैसले से उन्‍हें भी फायदा मिलेगा, जो अपनी नई कार पर पुराने ही नंबर रखना चाहते हों। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि वाहन मालिक पुराने फोर व्हीलर गाड़ियों के नंबरों का उपयोग अपने नए वाहनों के लिए कर सकेंगे।

MP परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, अब नई कारों में भी लग सकेंगे पुराने नंबर; नहीं होगा ब्‍लॉक (File Photo)

MP परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि अब पुराने नंबर भी चल सकेंगे। ये नंबर नई कारों पर भी लगाए जा सकेंगे। इन नंबरों को ब्‍लॉक नहीं किया जाएगा। इसका सबसे ज्‍यादा फायदा वीआईपी नंबर वालों को मिलेगा। मध्‍य प्रदेश परिवहन विभाग के इस फैसले से उन्‍हें भी फायदा मिलेगा, जो अपनी नई कार पर पुराने ही नंबर रखना चाहते हों। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि वाहन मालिक पुराने फोर व्हीलर गाड़ियों के नंबरों का उपयोग अपने नए वाहनों के लिए कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए पुराने नंबर के लिए दी गई धनराशि से जो भी अधिक होगा व चुकाना होगा।

इससे पहले वाले नियम के मुताबिक पुरानी गाड़‍ियों के खराब होने या स्‍क्रैप होने पर वह नंबर ब्‍लॉक हो जाता था और वाहन स्‍वामी अपना नंबर ना चाहते हुए भी नया नंबर लेता था। लेकिन इस योजना के तहत नए फोर व्‍हीलर गाड़ियों पर पुराने नंबर लगाए जा सकेंगे। इससे सबसे अधिक फायदा VIP नंबर लेने वालों के लिए होगा।

कैसे मिलता था VIP नंबर
मई 2014 के पूर्व VIP नंबर ‘प्रथम आओ, प्रथम पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे। जिसमें 1 से 9 नंबर का शुल्क 15 हजार रुपए। 10 से 100 का 12 हजार रुपए, विशिष्ट नंबरों के लिए 10 हजार रुपए और शेष नंबरों का शुल्क 2 हजार लिया जाता था। 22 मई 2014 के बाद से निलॉमी प्रक्रिया के माध्‍यम से नंबर आवंटित होने लगे। जिस कारण से VIP नंबर लेने वालों को बड़ी कीमत देनी पड़ जाती थी। अब इस नए पॉलिसी के तहत नए नंबर के बिना भी वीआईपी नंबर लिए जा सकेंगे।

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ऑनलाइन व्‍यवस्‍था से लोगों का काम हुआ आसान
परिवहन मंत्री राजपूत के अनुसार ऑनलाइन हो जाने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। लोगों को ऑनलाइन माध्‍यमों से कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इसमें ऑनलाइन ड्राइवरिंग लाइसेंस से लेकर कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। अब इसके लिए लोगों को ऑफिसों के चक्‍कर काटने की आवश्‍यकता नहीं है। इसके साथ ही रजिस्टर्ड चिकित्सक द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म 1ए में मेडिकल सर्टिफिकेट भी जारी कर सकेंगे।

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