ताज़ा खबर
 

मोबाइल से कर रहे बैंकिंग तो हो जाएं अलर्ट, इन 5 वजहों से लग सकता है कभी भी चूना

इन दिनों मोबाइल बैंकिंग अाम बात हो गई है। लोगों को शायद ही बैंक जाने की जरूरत महसूस होती है। लेकिन इसके साथ-साथ धोखाधड़ी की वारदातें भी बढ़ी है। इनसे बचने की जरूरत है।

Author Published on: October 2, 2018 1:27 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

वर्तमान में मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही बढ़ी है मोबाइल बैंकिंग। ‘मोबाइल बैंकिंग’ बैंकिंग के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। पिछले एक दशक के दौरान, मोबाइल बैंकिंग एक साधारण एसएमएस भेजने की प्रक्रिया से शुरू हुई थी, जिसके माध्यम से ग्राहकों को उनके लेन-देन की जानकारी दी जाने लगी। ग्राहकों को उनके खाते से संबंधित जानकारी के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं रही। आज अधिकांश काम मोबाइल से ही हो जाते हैं। शायद ही कभी बैंक जाने की जरूरत महसूस होती है। लेकिन इन सभी फायदों के साथ मोबाइल बैंकिंग से जुड़े कुछ खतरे भी हैं।

मोबाइल ऐप की गलत मैपिंग:- यह एक संगठन के भीतर लोगों द्वारा किया जाने वाला सबसे आम धोखाधड़ी है। उदाहरण के लिए, यदि कोई बैंक ग्राहक है जो मोबाइल बैंकिंग में कोई दिलचस्पी नहीं लेता है, तो बैंक का में काम करने वाला एक कर्मचारी खाते में मोबाइल नंबर जोड़ सकता है और उस मोबाइल डिवाइस पर एप्लिकेशन इंस्टॉल करता है। इस मामले में ग्राहक के साथ धोखाधड़ी की जा सकती है और उसे कोई सूचना भी नहीं मिलती।

फेक एप:- मोबाइल ब्राउजर की तुलना में एप के द्वारा बैंकिंग करना ज्यादा सुरक्षित होता है। हालांकि, कई तरह के फेक एप उपलब्ध हैं, जो ऑरिजनल एप से बिल्कुल मिलते-जुलते नाम के होते हैं और उसी तरह दिखते हैं। ये एप यूजर द्वारा प्रयोग की जाने वाली सुरक्षित जानकारी चोरी कर लेते हैं। इसलिए, हमेशा यह सलाह दी जाती है कि किसी भी एप को सर्च इंजन की जगह संबंधित वेबसाइट से ही डाउनलोड करना चाहिए।

मॉलवेयर:- मोबाइल बैंकिंग यूसर्ज की संख्या लगातर बढ़ रही है और इसी के साथ बढ़ रहे हैं मॉलवेयर अटैक। विशेष रूप से मोबाइल उपकरणों को टॉरगेट करने वाले मॉलवेयर से काफी खतरा है। मॉलवेयर कई तरह के होते हैं, जैसे वायरस,  स्टकिट्स, टॉर्जन, स्पाईवेयर, वॉलवेरटाइजिंग इत्यादी।

सिम स्वाइप:- सिम स्वाइप का मतलब होता है पुराने सिम को नए सिम से बदल देना। यह अक्सर तब होता है जब पुराना सिम खो जाता है या नष्ट हो जाता है। यदि धोखेबाज किसी तरह सिम स्वाइप करने में सफल हो जाता है तो वह मोबाइल नंबर की सहायता से कई सारे ट्रांजेक्शन कर लेता है।

असुरक्षित वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें:- इन दिनों रेस्टोरेंट, कॉफी हाउस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट सहित कई जगहों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलने लगी है। लोग फ्री के चक्कर में तुरंत अपना फोन वाई-फाई से कनेक्ट कर लेते हैं। लेकिन, इस दौरान यूजर द्वारा की गई सारी गतिविधि को दूसरा आदमी देख सकता है। इसी तरह के हॉटस्पॉट धोखेबाजों द्वारा चिन्हित किए जाते हैं और धोखाधड़ी की जाती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 एयरटेल लाया 181 रुपये का नया प्रीपेड प्‍लान, रोज मिलेगा 3 जीबी डेटा
2 IRCTC: त्‍योहारों पर रेलवे चलाएंगे स्‍पेशल ट्रेनें, ये रही पूरी लिस्‍ट
3 होटल में गैर-शादीशुदा कपल का रहना अपराध नहीं, जानें किन बातों का रखें ध्यान