RIL, Adani व Tata Group से अधिक नौकरियां देता है Amul, 35 लाख किसानों से हर रोज 2.50 करोड़ लीटर लेता है दूध, जानें- कितने का है टर्नओवर

रोचक बात है कि आज जिस अमूल के प्रोडक्ट साइकिल से लेकर हवाई जहाज पर बिक रहे हैं, वह किसी दौर में एक आंदोलन था। कम ही लोग जानते हैं कि अमूल कोई कंपनी नहीं है।

Amul, Anand, Gujarat
गुजरात के अहमदाबाद शहर स्थित Amul के डेरी प्लांट में बटर प्रोसिंस यूनिट में काम करते कर्मचारी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः निर्मल हरिंदरन)

गुजरात की अमूल (Amul) मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL), गौतम अडानी के अडानी समूह (Adani Group) और रतन टाटा के टाटा ग्रुप (TATA Group) से अधिक नौकरियां देती है। इसके मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी के अनुसार अमूल रोजगार के मामले में देश की नामचीन कॉरपोरेट कंपनियों से आगे है। एक लाख दूध के कलेक्शन, प्रोसेसिंग और वितरण में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर लगभग छह हजार लोगों को काम मिलता है।

अनुमानित संख्या का जिक्र करते हुए हिंदी अखबार “दैनिक भास्कर” की वेबसाइट ने बताया कि अडानी ग्रुप दो लाख लोगों को रोजगार देता है। रिलायंस की वजह से तीन से चार लाख लोगों को काम मिलता है। टाटा समूह आठ लोगों के लिए रोजगार सृजन करता है, जबकि गुजरात के आनंद की अमूल 15 लाख लोगों के आय की वजह है।

यही नहीं, अमूल 35 लाख किसानों से हर रोज 2.50 करोड़ लीटर दूध लेता है। सोढ़ी के हवाले से वेबसाइट ने आगे बताया, “हम लोग छोटे किसानों और चरवाहों को बाजार से जोड़ना चाहती है। हमारा मकसद है कि उन्हें उनकी मेहनत का अच्छा दाम मिले। हम इसी इरादे से बीते 75 साल से आगे बढ़ रहे हैं।” बताया जाता है कि अमूल अपनी कमाई का 80 फीसदी किसानों को देता है।

रोचक बात है कि आज जिस अमूल के प्रोडक्ट साइकिल से लेकर हवाई जहाज पर बिक रहे हैं, वह किसी दौर में एक आंदोलन था। कम ही लोग जानते हैं कि अमूल कोई कंपनी नहीं है और न ही इसका कोई मालिक है। चूंकि, यह एक सहकारी समिति है। जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत के हर तीन में से दो लोग अमूल के किसी न किसी प्रोडक्ट का सेवन करते हैं। फिलहाल 17 सूबों में इसकी मौजूदगी है और लगभग 100 करोड़ लोगों द्वारा इसके उत्पाद यूज किए जाने का दावा है।

अमूल डेयरी के बाद एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) की ओर रुख कर रहा है। साल 2019 में इसने नॉन-डेयरी सेगमेंट में कदम रखा। मसलन अमूल अब खाने वाला तेल, आटा, आलू से बने स्नैक्स, मिल्क बेस्ड कोर्बोनेटेड सेल्टजर, शहद और फ्रोजन फूड्स भी ऑफर करता है, जबकि इसका दूध, दही और मक्खन लोगों के बीच खासा पसंद किया जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि 20 साल में अमूल के टर्नओवर में 1580 प्रतिशत का इजाफा हुआ। 2001-2002 में इसका टर्नओवर 2,2336 था, जबकि 2020-2021 में यह 39,248 करोड़ रुपए हो गया। इस लिहाज से बीते 25 साल में इस सहकारी समिति का टर्नओवर कुल 3423 फीसदी बढ़ा।

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