7th Pay Commission: वेतन वृद्धि को लेकर यहां अड़े थे हड़ताली, 238 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, 297 निलंबित

7th Pay Commission: एक अधिकारी ने इसी के साथ बताया कि 2,296 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नोटिस भेजे गये और 238 कर्मचारियों की सेवाएं पहले चरण में समाप्त की गयी हैं और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

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7th Pay Commission: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

7th Pay Commission Latest News in Hindi: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर शुक्रवार (20 नवंबर, 2021) को निगम के 238 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गयीं और 297 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

एक अधिकारी ने इसी के साथ बताया कि 2,296 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नोटिस भेजे गये और 238 कर्मचारियों की सेवाएं पहले चरण में समाप्त की गयी हैं और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

बकौल अफसर, ‘‘इस सप्ताह की शुरुआत में 2,584 दैनिक वेतनभोगी कर्मियों में से कुल 2,296 को नोटिस जारी किये गये और उनसे 24 घंटे के अंदर काम पर आने को कहा गया, लेकिन केवल 32 कर्मचारी काम पर लौटे। हमने शुक्रवार को 297 और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है जिससे अब तक कुल 2,776 कर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।’’

एमएसआरटीसी कर्मचारी निगम का राज्य सरकार में विलय करने की मांग को लेकर अक्टूबर महीने से हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलन के कारण नौ नवंबर से एमएसआरटीसी के 250 बस डिपो पर परिचालन बंद है।

कैश संकट के बीच एमएसआरटीसी ने नियुक्त किया सलाहकारः इससे पहले, एमएसआरटीसी ने घाटे में चल रहे निगम के लिए आर्थिक बदलाव का अध्ययन करने के लिए एक सलाहकार नियुक्त करने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि एमएसआरटीसी मुख्यालय में राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक में परामर्श सेवा देने वाली एक कंपनी को नकदी-संकटग्रस्त निगम को वर्तमान वित्तीय स्थिति से बाहर निकालने के तरीकों का अध्ययन करने और सुझाव देने के लिए नियुक्त किया गया।

बता दें कि एमएसआरटीसी का राज्य सरकार में विलय करने की मांग को लेकर निगम के अधिकतर कर्मचारी 28 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे उन्हें सरकारी कर्मचारियों का दर्जा और बेहतर वेतन मिलेगा। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद से, राज्य के स्वामित्व वाला निगम अपने सबसे खराब वित्तीय संकट से गुजर रहा है, और अपने कर्मचारियों को भुगतान करने और अन्य भुगतान करने के लिए धन के लिए उसे सरकार पर निर्भर रहना पड़ा है। दिवाली के वक्त से जारी हड़ताल ने आर्थिक संकट को और गहरा कर दिया है।

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