7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए इस चीज के मुआवजे के पेमेंट में बड़े बदलाव का ऐलान, जानें डिटेल्स

7th Pay Commission: ओपीपीडब्ल्यू ने यह भी बताया कि ऐसे व्यक्ति के पक्ष में कोई नामांकन नहीं किया जा सकता है जो परिवार का सदस्य नहीं है, यहां तक ​​कि जहां सरकारी कर्मचारी का कोई परिवार नहीं है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतकिरण के लिए किया गया है। (फोटोः unsplash)

7th Pay Commission: केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने ड्यूटी के दौरान मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवार को अनुग्रह राशि एकमुश्त मुआवजे (Ex-gratia Lump Sum Compensation) के भुगतान के नियमों में संशोधन किया है। केंद्रीय सिविल सरकारी सेवकों के परिवार, जो विभिन्न परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी में सेवानिवृत्ति से पहले मर जाते हैं, वे अनुग्रह राशि एकमुश्त मुआवजे के भुगतान के हकदार हैं। इस राशि को समय-समय पर संशोधित किया गया है।

अब वित्त मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि एकमुश्त अनुग्रह राशि का भुगतान उस सदस्य या परिवार के सदस्यों को किया जाएगा, जिनके पक्ष में सरकारी कर्मचारी द्वारा सेवा के दौरान नामांकन किया जाता है।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के 30 सितंबर 2021 को एक कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) में कहा गया, “एक सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर, अन्य एकमुश्त राशि का भुगतान, जैसे कि मृत्यु ग्रैच्युटी, जीपीएफ शेष और सीजीईजीआईएस राशि, सेवा के दौरान सरकारी कर्मचारी द्वारा किए गए नामांकन के अनुसार किया जाता है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि ड्यूटी निभाने के दौरान भी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होने पर, एकमुश्त अनुग्रह राशि का भुगतान उस सदस्य या परिवार के सदस्यों को किया जा सकता है जिनके पक्ष में नामांकन किया जाता है।”

सरकार ने एकमुश्त अनुग्रह राशि के भुगतान के संबंध में नामांकन को शामिल करने के लिए सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के साथ संलग्न फॉर्म-1 में सामान्य नामांकन फॉर्म में भी संशोधन किया है।

क्या होगा अगर नहीं हुआ है नॉमिनेशन?: डीओपीपीडब्ल्यू ने कहा कि अगर कोई नामांकन नहीं किया गया है या सरकारी कर्मचारी द्वारा किया गया नामांकन अस्तित्व में नहीं है, तो अनुग्रह राशि एकमुश्त मुआवजा सभी पात्र परिवार के सदस्यों द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा, जैसा कि ग्रेच्युटी के मामले में नियम के अनुसार होता है।

परिवार के बाहर नॉमिनेशन नहीं मान्यः डीओपीपीडब्ल्यू ने यह भी बताया कि ऐसे व्यक्ति के पक्ष में कोई नामांकन नहीं किया जा सकता है जो परिवार का सदस्य नहीं है, यहां तक ​​कि जहां सरकारी कर्मचारी का कोई परिवार नहीं है। ज्ञापन के मुताबिक, “एक्स-ग्रेशिया एकमुश्त भुगतान के लिए नामांकन सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 53 के तहत ग्रैच्युटी के मामले में लागू प्रावधानों के अधीन होगा। चूंकि, अनुग्रह राशि एकमुश्त भुगतान केवल परिवार को देय है, उस व्यक्ति के पक्ष में कोई नामांकन नहीं किया जाएगा जो परिवार का सदस्य नहीं है।”

नया नियम किसलिए?: सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद, अन्य एकमुश्त राशि का भुगतान, जैसे मृत्यु उपदान, जीपीएफ शेष और सीजीईजीआईएस राशि, सेवा के दौरान सरकारी कर्मचारी द्वारा किए गए नामांकन के अनुसार किया जाता है। हालांकि, मौजूदा नियमों में उस परिवार के सदस्य को निर्दिष्ट नहीं किया गया है जिसे एकमुश्त मुआवजा देय है। इसलिए, अब तक यह भुगतान परिवार के उस सदस्य को किया जाता है जो सीसीएस (असाधारण पेंशन) नियम, 1939 के तहत असाधारण पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया जाता है।

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