केंद्रीय कर्मियों को बढ़कर मिलने वाली है सैलरी, नाइट अलाउंस पर बड़ी राहत

सरकार ने तय किया है कि कर्मचारियों को रात में ड्यूटी करने पर अलग से अलाउंस दिया जाएगा। पहले ये अलाउंस ग्रेड पे के आधार पर दिया जाता था लेकिन सरकार ने इसपर रोक लगा दी है।

भारतीय करंसी।

कोरोना संकट के शुरू होते ही केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) पर सरकार ने कैंची चला दी थी। सरकार ने तय किया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों का जनवरी 2020 से जून 2021 तक महंगाई भत्ता नहीं बढ़ेगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारियों के डीए में डेढ़ साल तक कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी।

कर्मचारियों के इस साल बढ़ाए गए डीए का अबतक कोई फायदा नहीं पहुंचा है। वहीं हाल में सरकार ने कर्मियों को थोड़ी राहत देते हुए नाइट अलाउंटस पर राहत मिली है। सरकार ने तय किया है कि कर्मचारियों को रात में ड्यूटी करने पर अलग से अलाउंस दिया जाएगा।

पहले ये अलाउंस ग्रेड पे के आधार पर दिया जाता था लेकिन सरकार ने इसपर रोक लगा दी है। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मानते हुए बदलाव को हरी झंडी दी है। एक सवाल जो कर्मचारियों के मन में होता है कि आखिर ये नाइट अलाउंट कैसे तय होता है या फिर इसकी गणना कैसे की जाती?

नियमों के मुताबिक किसी भी कर्मचारी के लिए रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक की गई शिफ्ट को नाइट ड्यूटी माना जाता है। इसके अलाउंस के लिए बेसिक पे की सीलिंग 43,600 रुपये प्रति महीने के आधार पर निर्धारित है।

यानी कि अलाउंस का भुगतान या गणना शिफ्ट के घंटों के आधार पर की जाएगी। यानी बेसिक पे और डीए को कुल जोड़ (सातवें वेतन आयोग के तहत) को मिलाकर जो वैल्यू निकले उसे 200 भाग कर नाइट अलाउंस की गणना की जाएगी।

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