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7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मियों को CGHS के जरिए मिलती हैं ये सुविधाएं, जिंदगीभर मिलता है भरपूर फायदा

Central Government Health Scheme के तहत लाभार्थियों को कैशलैस इलाज की सुविधा मिलती है। यानी कार्ड धारकों को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज करते समय दी जाने वाली महंगी दवाइयों का खर्च खुद अपनी जेब से नहीं भरना पड़ता।

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7th Pay Commission, 7th CPC Latest News 2020, Central Government Employees, CGHS: केंद्र सरकार कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्‍थ स्‍कीम यानी सीजीएचएस स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना का लाभ मिलता है। इस स्कीम के तहत इन्हें इलाज कराने की सुविधा मिलती है। एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुष उपचार की प्रणालियों के जरिए दिए जाने वाले इलाज को कवर किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह एक अनिवार्य स्कीम है जिसके लिए उन्हें अपने वेतन में से मामूली रकम चुकानी पड़ती है।

इस स्कीम के तहत लाभार्थियों को कैशलैस इलाज की सुविधा मिलती है। यानी कार्ड धारकों को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज करते समय दी जाने वाली महंगी दवाइयों का खर्च खुद अपनी जेब से नहीं भरना पड़ता। सीजीएचएस के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में जाकर कर्मचारी और पेंशनर्स इसका लाभ ले सकते हैं।

अक्सर केंद्रीय कर्मचारियों के मन में सीजीएचएस को लेकर तरह-तरह के सवाल मन में होते हैं मसलन इसमें और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं। सही जवाब न मिलने के चलते वे अमसमंजस की स्थिति में रहते हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्‍थ स्‍कीम की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक लाभार्थियों को इसके जरिए दवाओं के साथ ओपीडी ट्रीटमेंट, पॉलीक्लिनक/सरकार अस्पतालों में स्पेशल कंस्लटेशन मिलता है। सरकार और पैनल में शामिल अस्पतालों में इनडोर ट्रीटमेंट।

सरकार और पैलन में शामिल डायग्नोस्टिक ​​केंद्रों पर जांच। एमरजेंसी के दौरान सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में हुए खर्च के रिम्बर्समेंट की सुविधा इस स्कीम के तहत लाभार्थियों को मिलती है। इसके अलावा श्रवण यंत्रों, कृत्रिम अंगों, उपकरणों आदि की खरीद के लिए किए गए खर्चों का रिम्बर्समेंट। परिवार कल्याण, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य सेवाएं।

बता दें कि कर्मचारियों को हाउस बिल्डिंग एडवांस होम लोन की सुविधा भी मिलती है। 7वें वेतन आयोग के तहत इस लोन में भी इजाफा हुआ है। 1 अक्टूबर, 2019 से सरकार इस लोन पर 7.9 फीसदी सालाना का ब्याज ले रही है। हाउस बिल्डिंग एडवांस के तौर पर अधिकतम 25 लाख रुपये या फिर 34 महीने की बेसिक सैलरी के बराबर रकम मिल सकती है।

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