ये सात कारण… जिसकी वजह से आपका मोटर बीमा क्‍लेम हो सकता है खरिज, जानिए इंश्‍योरेंस पॉलिसी की खास बातें

वाहन चलाते हैं तो आपको इंश्‍योरेंस क्‍लेम कराना चाहिए। यह इतना जरुरी है कि अगर कहीं पर आपका वाहना क्षतिग्रस्‍त हो गया तो आप बीमा कंपनी से क्‍लेम कर सकते हैं और क्षतिग्रस्‍त वाहन की भरपाई कर सकते हैं।

ये सात कारण… जिसकी वजह से आपका मोटर बीमा क्‍लेम हो सकता है खरिज, जानिए इंश्‍योरेंस पॉलिसी की खास बातें (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

अगर आप टू व्‍हीलर या कोई अन्‍य वाहन चलाते हैं तो आपको इंश्‍योरेंस क्‍लेम कराना चाहिए। यह इतना जरुरी है कि अगर कहीं पर आपका वाहना क्षतिग्रस्‍त हो गया तो आप बीमा कंपनी से क्‍लेम कर सकते हैं और क्षतिग्रस्‍त वाहन की भरपाई कर सकते हैं। बाइक, स्‍कूटी, कार व कामर्शियल यूज वाले वाहनों का इंश्‍योरेंस पॉलिसी किया जाता है। आपने पहले से पॉलिसी ली है और आपको बताए जा रहे इन सात वजहों में से कोई गलती की है तो आपका मोटर बीमा क्‍लेम रिजेक्‍ट भी हो सकता है। आइए जानते हैं ये सात वजह…

नो वैलिड लाइसेंस या लाइसेंस न होना
ज्‍यादातर देखा जाता है कि लोग अपने वाहन को जरुरत पड़ने पर दूसरों को चलाने के लिए देते हैं या फिर अपने किसी रिलेटिव को वाहन चलाना सिखा रहे होते हैं और उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस या तो नहीं होता है या फिर वैलिड नहीं रहता है। तो ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने पर आपका इंश्‍योरेंस क्‍लेम रिजेक्‍ट हो जाता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि भी समाप्‍त हो जाती है। इस वजह से भी आपका इंश्‍योरेंस क्‍लेम खारिज किया जा सकता है।

ट्रांसफर ऑफ नेम इन द पॉलिसी
कई बार ऐसा होता है कि जब सेंकेड हैंड कार या वाहन खरीदा जाता है और उस वाहन का आरसी उस नए ऑनर के नाम पर ट्रांसफर कर दी जाती है, पर इंश्‍योरेंस क्‍लेम पुराने ऑनर के पास ही रहता है। ऐसी स्थिति में जिसके नाम पर कार है, उसे तो इंश्‍योरेंस नहीं मिलता, लेकिन जिसके नाम पर केवल इंश्‍योरेंस है वह भी इसे क्‍लेम नहीं कर सकता है। इस कारण से वाहन खरीदने के दौरान इंश्‍योरेंस ट्रांसफर जरुर करा लेना चाहिए।

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भौतिक तथ्य का खुलासा न करना
अगर आपने अपनी कार में सीएनसी या एलपीजी इंस्‍टॉलेशन कराया है, लेकिन इसकी जानकारी इंश्‍योरेंस कंपनी को नहीं दी गई है। तो इस स्थिति में क्‍लेम किए जाने पर कंपनी मोटर बीमा क्‍लेम रिजेक्‍ट कर देती है। चाहे दुर्घटना किसी अन्‍य कारणों से ही क्‍यों न हुई हो। इसलिए ऐसी चीजें करवाने पर इंश्‍योरेंस कंपनी को जरुर जानकारी देनी चाहिए।

पर्सनल कार का कामर्शियल उपयोग
कई बार ऐसा होता है कि आपने पर्सनल कार ली है और इसे आप कामर्शियल के लिए प्रयोग कर रहे हैं, जो कि इंश्‍योरेंस क्‍लेम के बिल्‍कुल विपरित है तो ऐसी स्थिति में आपका इंश्‍योरेंस क्‍लेम रिजेक्‍ट कर दिया जाता है। कामर्शियल यूज करने के लिए आपको रजिस्‍ट्रेशन कराना होता है।

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नशा करके वाहन चलाना
शराब और अन्‍य नशा करके वाहन चलाने पर अगर कोई दुर्घटना हो जाती है और आप इस स्थिति में मोटर बीमा क्‍लेम करते हैं तो भी आपका बीमा खारिज कर दिया जाता है।

तुरंत सूचना देना
वाहन के नुकसान होने पर 48 से 72 घंटे के भीतर इंश्‍योरेंस कंपनी को जानकारी दे देनी चाहिए। अगर रिपेयर करने पर आप इंश्‍योरेंस कंपनी को सूचना देते हैं तो आपका इंश्‍योरेंस क्‍लेम खारिज हो सकता है।

लापरवाही
अगर आपका कार दुर्घटनाग्रस्‍त हो चुका है और आप कार को चलाकर ले जा रहे हैं और इस दौरान कोई अन्‍य चीज डैमेज हो जाती है तो इंश्‍योरेंस कंपनी क्‍लेम का भुगतान नहीं करेगी। साथ ही अगर आपने कार को नो पार्किंग जोन में खड़ा किया है तो भी क्‍लेम नहीं हो सकता है।

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