अमेरिका ने बैन कीं चीन की 200 से ज्यादा ऐप्स, ट्रंप ने फैसले के पीछे भारत के प्रतिबंधों का दिया हवाला

ट्रंप ने फैसला लेते हुए कहा कि चीनी सॉफ्टवेयर ऐप द्वारा पैदा हुए खतरों को दूर करने के लिए कार्रवाई की जरूरत है।

republican party Campaign finance
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (रॉयटर्स)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 200 से अधिक चीनी सॉफ्टवेयर ऐप पर प्रतिबंध लगाने के भारत के फैसले का हवाला देते हुए अलीपे और वीचैट पे सहित आठ चीनी ऐप के साथ लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया। ट्रंप ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इस आशय के एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए।

ट्रंप ने अपने आदेश में कहा कि चीन में बनाए और नियंत्रित किए गए ऐप्स की ‘‘व्यापक पहुंच’’ के कारण ‘‘राष्ट्रीय आपातकालीन स्थिति से निपटने’’ के लिए इस कार्रवाई की जरूरत है। जिन आठ चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें – अलीपे, कैमस्कैनर, क्यूक्यू, वीमेट, वीचैट पे और डब्ल्यूपीएस ऑफिस शामिल हैं। ये प्रतिबंध मंगलवार से 45 दिन में लागू हो जाएंगे।

ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका में पहुंच की गति और व्यापकता के लिहाज से चीन द्वारा विकसित या नियंत्रित कुछ मोबाइल और डेस्कटॉप एप्लिकेशन और अन्य सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए जोखिमपूर्ण हैं। ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में कहा कि इस समय इन चीनी सॉफ्टवेयर ऐप द्वारा पैदा हुए खतरों को दूर करने के लिए कार्रवाई की जरूरत है। ट्रंप ने इससे पहले अगस्त में चीन के दो ऐप टिकटॉक और मुख्य वीचैट पर प्रतिबंध लगा दिया था।

ट्रंप ने कहा कि भारत ने 200 से अधिक चीनी सॉफ्टवेयर ऐप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका का आकलन है कि चीन से जुड़े कई सॉफ्टवेयर ऐप स्वचालित रूप से अमेरिका के लाखों उपयोगकर्ताओं से संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं, और इस डेटा तक चीन की सेना और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पहुंच होती है।

पढें Uncategorized समाचार (Uncategorized News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट