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पाकिस्तान के मंत्री ने सुरक्षा के लिए मांगे गैर मुस्लिम पुलिसवाले, जानें क्या है वजह

खबरों के अनुसार उन्होंने सूबे के पुलिस चीफ से ऐसे सुरक्षा अधिकारियों की लिस्ट मांगी है जो मुस्लिम धर्म छोड़कर किसी और धर्म जैसे, हिंदू, क्रिस्चियन या अहमदिया समुदाय के हों।

पाकिस्तान के प्रांतीय कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह। (फोटो सोर्स ट्विटर)

पाकिस्तान में इस्लामिक चरमपंथियों द्वारा धमकी दिए जाने के बाद यहां एक मंत्री ने अपने सुरक्षा अधिकारियों से खुद की सुरक्षा तैनात गार्ड्स से संबंधित सभी जानकारी मांगी है। ये धमकी पाकिस्तान के प्रांतीय कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह को दी गई है। इसपर उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को मुस्लिम धर्म के बजाए किसी और धर्म के लोगों को तैनात किए जाने की मांग की है। हालांकि सनाउल्लाह को धमकी दिए जाने के बाद पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी सक्रिय हो गई और मंत्री के सुरक्षा गार्ड्स के बैकग्राउंड की छानबीन की गई। इंटेलिजेंस एजेंसी ने इसके साथ ही कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह को सलाह दी कि वो अपनी गतिविधियों को सीमित करें। हालांकि सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी की माने तो सनाउल्लाह इससे संतुष्ट नहीं हैं। वो पहले ही एक निजी फर्म के सुरक्षा गार्ड्स को हायर कर चुके हैं।

पाकिस्तानी न्यूज साइट्स की खबरों के अनुसार उन्होंने सूबे के पुलिस चीफ से ऐसे सुरक्षा अधिकारियों की लिस्ट मांगी है जो मुस्लिम धर्म छोड़कर किसी और धर्म जैसे, हिंदू, क्रिस्चियन या अहमदिया समुदाय के हों। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में उनके सुरक्षा चीफ को बदल किसी गैर मुस्लिम को नियुक्त किया जाएगा। जो उनकी सुरक्षा में तैनात किए जाने वाले दस्ते की लिस्ट तैयार करेगा। बता दें कि अभी सनाउल्लाह जिस निजी फर्म से सुरक्षा ली हुई है वो क्रिस्चियन धर्म से संबंध रखती है।

गौरतलब है कि मंत्री सनाउल्लाह कुछ हफ्ते पहले तब सुर्खियों में आए जब एक टीवी साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मुस्लिम और अहमदिया में थोड़ा सा फर्क है। पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय को अधर्मी माना जाता है। ऐसे में प्रांतीय मंत्री के इस बयान के बाद देशभर में उनका विरोध किया गया। कई संगठन ने उनके इस्तीफे की मांग की। इस दौरान इस्लामिक क्रांतिकारी संगठन तहरीक-ए-लाबिक या रसूल अल्लाह ने उनके खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन किए। इस दौरान करीब तीन हजार से ज्यादा रैलियां निकाली गईं। हांलाकि अब इस संगठन के राजधानी इस्लामाबाद आने पर रोक लगी है।

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