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लद्दाख में तनाव गहराया, पैंगोंग त्सो लेक के दक्षिण की सभी पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने किया कब्जा

चीन द्वारा पैंगोंग सो के दक्षिणी तटीय इलाके में यथास्थिति बदलने के ताजा प्रयास के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय सेना एलएसी के साथ सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपना आक्रामक रुख जारी रखेगी।

india china news, india china latest news, LAC, indian armyभारतीय सेना अब पैंगोंग सो के दक्षिण तट के पास की सभी रणनीतिक पर्वत उंचाइयों पर हावी है। (फाइल फोटो)

चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव गहराता जा रहा है। इसके बीच भारतीय सैनिकों ने पैंगोग त्सो लेक के दक्षिण की सभी ऊंचाई वाले इलाकों पर अपना कब्जा कर लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह खबर दी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने अतिरिक्त सैनिकों के साथ ही टैंकों की तैनाती करके पैंगोंग सो के दक्षिणी तटीय क्षेत्र के आसपास अपनी उपस्थिति को और मजबूत किया है। एक सूत्र ने कहा, ”भारतीय सेना अब पैंगोंग सो के दक्षिण तट के पास की सभी रणनीतिक पर्वत उंचाइयों पर हावी है।” खबर के अनुसार भारत ने उनके (चीनी) इलाके में प्रवेश नहीं किया है, लेकिन अपनी पोस्ट पर स्थिति को मजबूत किया है।

वहीं, चीन द्वारा पैंगोंग सो के दक्षिणी तटीय इलाके में यथास्थिति बदलने के ताजा प्रयास के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पूर्वी लद्दाख में स्थिति की व्यापक समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लगभग दो घंटे चली बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपना आक्रामक रुख जारी रखेगी ताकि चीन के किसी भी ”दुस्साहस” से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया सहित अन्य शामिल थे। थल सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने बैठक में मौजूदा स्थिति, सेना की परिचालन तैयारियों और सर्दियों के महीनों में कर्मियों एवं हथियारों की मौजूदा स्थिति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि चीनी पक्ष ने उन बातों की अनदेखी की जिन पर पहले सहमति बनी थी और 29 अगस्त एवं 30 अगस्त की देर रात को उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई के जरिये दक्षिणी तटीय इलाकों में यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया।

श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी पक्ष ने सोमवार को एक बार फिर उकसावे वाली कार्रवाई की जब स्थिति सामान्य करने के लिए कमांडर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय पर की गई रक्षात्मक कार्रवाई के कारण भारतीय पक्ष एकतरफा ढंग से यथास्थिति बदलने के प्रयास को रोकने में सफल रहे।

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