आयुष सिन्हा के तबादले से खुश नहीं किसान, बोले ये सजा नही, सरकार ने एसडीएम को कर दिया सुरक्षित

करनाल मामले पर झज्‍जर जिला सचिवालय परिसर के पास कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर विधायकों को अंदर जाने से रोका। पुलिस व विधायको में कई देर बेरिकेट्स हटाने को लेकर बहस होती रही। हालांकि, बाद में ज्ञापन लेने डीसी खुद पहुंचे।।

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SDM करनाल ने कथित तौर पर किसानों का सिर फोड़ने का आदेश दिया था (File Photo)

करनाल के एसडीएम रहे आयुष सिन्हा के तबादले से किसान खुश नहीं हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये ट्रांसफर करके सरकार ने सिन्हा को सेफ कर दिया है। उनका कहना है कि एसडीएम के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए था। इस मामले में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ऐलान किया था कि ऐसा नहीं होने पर बेमियादी घेराव किया जाएगा।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने प्रेस रिलीज जारी करके कहा है कि ये कदम सरासर गलत है। अफसर को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। किसान केवल शांति पूर्ण तरीके से धरना देने जा रहे थे। लेकिन एसडीएम पुलिस से कहते दिख रहे हैं कि उनके सिर पर मारना। उनका बर्ताव एक तरह से लोकतंत्र की हत्या है। अधिकारी ऐसा किस तरह से कह सकते हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उन्हें बचा रही है। किसानों ने साफ किया कि एसडीएम के खिलाफ 6 सितंबर तक हत्या का चार्ज नहीं लगा तो प्रदर्शन जारी रहेगा।

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ध्यान रहे कि बसताड़ा प्रकरण के बाद वायरल वीडियो के जरिए सुर्खियों में आए करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा को सिटीजन रिसोर्सेज इन्फोमेशन विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। सोमवार को घरौंडा में हुई महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ऐलान किया था कि ऐसा नहीं होने पर छह सितंबर के बाद करनाल में जिला सचिवालय का घेराव किया जाएगा।

ऐसे में माना जा रहा है कि प्रकरण में अभी तक उठाए गए कदमों को लेकर किसान नेता संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच जारी है। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान बीते 9 माह से दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, किसानों की तादाद सीमा पर पहले से घटी है लेकिन हरियाणा और पंजाब में वो लगातार सक्रिय हैं। हरियाणा में कई घटनाएं देखने को मिली हैं जब सरकार के मंत्रियों का विरोध किया गया। बसताड़ा मामले में भी किसान सीएम एमएल खट्टर की मीटिंग का विरोध करने जा रहे थे। तभी लाठीचार्ज कर दिया गया

उधर, करनाल में आंदोलनकारियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में झज्‍जर जिला सचिवालय परिसर के पास कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर विधायकों को अंदर जाने से रोका। पुलिस व विधायको में कई देर बेरिकेट्स हटाने को लेकर बहस होती रही। कांग्रेसी विधायक लगातार बेरिकेड्स हटाने की मांग करते रहे। लेकिन पुलिस बेरिकेड्स लगाकर डटी रही। हालांकि, बाद में ज्ञापन लेने डीसी खुद पहुंचे।।

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