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खोब्रागडे पर अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई

अमेरिका में फर्जी वीजा मामले में गिरफ्तारी के बाद पिछले साल सुर्खियों में रहने वालीं राजनयिक देवयानी खोब्रागडे के खिलाफ अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है जिसमें अनिवार्य रूप से इंतजार की श्रेणी रखना शामिल है। वहीं, विदेश सेवा की अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। समझा जाता है […]
विदेश सेवा की अधिकारी ने अपनी सपाई में कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। (फ़ोटो-रॉयटर्स)

अमेरिका में फर्जी वीजा मामले में गिरफ्तारी के बाद पिछले साल सुर्खियों में रहने वालीं राजनयिक देवयानी खोब्रागडे के खिलाफ अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है जिसमें अनिवार्य रूप से इंतजार की श्रेणी रखना शामिल है। वहीं, विदेश सेवा की अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।

समझा जाता है कि 40 साल की राजनयिक के मंत्रालय को सूचित किए बिना ही अपने बच्चों के लिए अमेरिकी पासपोर्ट हासिल करने के मुद्दे पर विभागीय जांच पूरी हो गई है। ऐसा पाया गया है कि उनका कदम आचार नियमों का उल्लंघन है जिसके कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। हालांकि कार्रवाई की प्रकृति का खुलासा नहीं किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर बिना इजाजत के मीडिया से बात करने के लिए एक और जांच शुरू की है।

समझा जाता है कि विदेश मंत्रालय ने खोब्रागडे को अनिवार्य रूप से इंतजार की श्रेणी में रखा है। अमेरिका से वापस आने के बाद खोब्रागडे मंत्रालय में विकास गठजोड़ प्रकोष्ठ में निदेशक स्तर की अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। बहरहाल, न्यूयार्क में भारत की पूर्व उपमहावाणिज्य दूत खोब्रागडे ने जोर दिया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। चाहे अपने बच्चों के लिए दोहरा पासपोर्ट लेने की बात हो या मीडिया से बात करने की हो।

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अनिवार्य रूप से इंतजार की श्रेणी में रखे जाने के बाद वे इस्तीफा दे देंगी। खोब्रागडे ने अपने दो बच्चों के लिए अमेरिकी पासपोर्ट लेने के कदम का बचाव करते हुए कहा कि सेवा नियमों के तहत नाबालिग बच्चों के दो पासपोर्ट हो सकते हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
मीडिया से बात करने को जायज ठहराते हुए उन्होंने कहा कि यह सेवा नियमों के दायरे में है जब तक कि विचार निजी हों।

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