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पुलिस को सुनंदा के लैपटॉप और मोबाइल का डाटा मिला

दिल्ली पुलिस को गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट आफ फोरेंसिक साइंस (डीएफएस) से सुनंदा पुष्कर के लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच रिपोर्ट मिल गई है। पुलिस आकड़ों का विस्तृत विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सबूत नष्ट करने के लिए क्या उपकरणों से कुछ डिलीट किया गया था। डीएफएस रिपोर्ट आने […]

Author March 24, 2015 11:00 am

दिल्ली पुलिस को गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट आफ फोरेंसिक साइंस (डीएफएस) से सुनंदा पुष्कर के लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच रिपोर्ट मिल गई है। पुलिस आकड़ों का विस्तृत विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सबूत नष्ट करने के लिए क्या उपकरणों से कुछ डिलीट किया गया था। डीएफएस रिपोर्ट आने के साथ ही दिल्ली पुलिस की एसआइटी एक बार फिर ट्विटर, फेसबुक और ब्लैकबेरी पर इस बात के लिए दबाव डालेगी कि वे सुनंदा के सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित डाटा साझा करें और उन लोगों के बारे में बताएं जिनसे वह उनके माध्यम से संपर्क में थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की रहस्यमय स्थिति में मौत के मामले की जांच दिल्ली पुलिस की एसआइटी कर रही है। 20 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गुजरात डीएफएस को दो लैपटॉप और चार मोबाइल फोन सौंपे थे ताकि उनसे डेटा पुन: प्राप्त किया जा सके। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘हमने डाटा पुन: प्राप्त करने के लिए कुछ उपकरण फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला भेजा था। उन लोगों ने डेटा पुन: प्राप्त कर लिया है और हमें उपकरण और एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इसका विश्लेषण किया जा रहा है। विश्लेषण के बाद यदि कुछ ऐसी चीज सामने आती है जिसकी हमें किसी व्यक्ति से स्पष्टीकरण करने की जरूरत हो तो निश्चित तौर पर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो निश्चित तौर पर वैसा नहीं किया जा सकता।’

बस्सी ने कहा,‘हमें एक सप्ताह पहले ये उपकरण और रिपोर्ट मिली थी, अब हम उस डाटा का विश्लेषण कर रहे हैं। काफी अधिक डाटा है। उसका विश्लेषण करने में समय लगेगा। एसआइटी को ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइटों से अभी तक वांछित जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने फेसबुक और ब्लैकबेरी से प्रक्रिया में तेजी लाने और हमें वह सूचना मुहैया कराने के लिए कहेंगे जो हमने उनसे मांगी है। हम डिलीट की गई सूचना का विश्लेषण करेंगे और यह देखेंगे कि उसे नियमित प्रक्रिया के तहत डिलीट किया गया था या ऐसा खराब नीयत से किया गया था।’

दिल्ली पुलिस अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई से उस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिससे कि उस जहर के बारे में पता चल सके जिससे सुनंदा की मौत हुई। जांचकर्ताओं ने तब विसरा नमूने अमेरिका भेजे थे जब एम्स के चिकित्सकों ने कहा कि जिस जहर से सुनंदा की मौत हुई उसकी पहचान के लिए भारतीय प्रयोगशालाओं में सुविधा उपलब्ध नहीं है। एम्स के चिकित्सकों ने मौत का कारण ‘विषाक्तता’ बताया था। यह इस मामले का अब तक की सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है क्योंकि उस जहर का पता नहीं चल पाया जिससे उनकी मौत हुई। इसके साथ ही यह भी नहीं पता चल पाया है कि वह सुनंदा के शरीर में कैसे आया।

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