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कोरोना से निपटने की रणनीति में बदलाव, फ्लू के लक्षण वाले सभी मरीजों की अब होगी टेस्टिंग, संक्रमितों से संपर्क या विदेश यात्रा की शर्तें हटीं

उच्च सूत्रों के मुताबिक, अब जो भी व्यक्ति आगे आकर अपना टेस्ट कराना चाहेगा, उसका टेस्ट किया जाएगा, फिर चाहे उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री या कॉन्टैक्ट हिस्ट्री के बारे में सरकार को पता हो या नहीं।

मुंबई के धारावी स्थित लेबर कैंप में लोगों के सैंपल्स इकट्ठा करने में जुटे स्वास्थ्यकर्मी (फोटो-

कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्र सरकार जल्द ही फ्लू जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल आने वाले मरीजों की भी टेस्टिंग शुरू कर सकती है। सरकार की योजना के मुताबिक, देशभर के अस्पतालों में जल्द ही यह सुविधा शुरू की जा सकती है। एक बार इस व्यवस्था के लागू होने के बाद सरकार खुद से टेस्टिंग के लिए आगे आने वालों के परीक्षण के लिए भी तैयार होगी। एक उच्च सूत्र के मुताबिक, आने वाले समय में जो भी व्यक्ति खुद की जांच कराना चाहेगा, सरकार उसकी टेस्टिंग करेगी। फिर चाहे उस व्यक्ति की कोई ट्रैवल हिस्ट्री या कॉन्टैक्ट हिस्ट्री हो या न हो।

सरकार की फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों के सैंपल्स इकट्ठा करने की यह योजना कैसे मददगार होगी? इस सवाल पर सूत्र ने बताया कि सरकार इसके जरिए न सिर्फ रैंडम सैंपल्स इकट्ठा कर सकेगी, बल्कि यह भी देख सकेगी कि देश में मरीज किस हद तक कोरोना की चपेट में आए हैं और क्या वे टेस्टिंग में निगेटिव आ रहे हैं। कुछ निजी अस्पतालों ने पहले ही पूल टेस्टिंग शुरू कर दी है, ताकि फ्लू जैसे लक्षण वालों को अटेंड कर रहे डॉक्टर, नर्सों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स (पीपीई) की जरूरत न पड़े। पीपीई की सप्लाई देश में पहले ही काफी सीमित है।

जानिए राज्यों में कैसे बढ़ रहे कोरोनावायरस के मामले

सूत्र ने कहा, “हम इस योजना के जरिए फ्लू से पीड़ित मरीजों की जांच का अवसर ही ढूंढ रहे हैं। यहां से शुरू करने के बाद हम बड़े पैमाने पर परीक्षण शुरू कर देंगे। इनमें पहले हॉटस्पॉट शामिल होंगे। उसके बाद क्लस्टर कंटेनमेंट जोन।”

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अफसर ने बताया कि बडे़ पैमाने पर टेस्टिंग की योजना काफी समय से बन रही थी। इसमें सिर्फ एक कमी टेस्टिंग किट्स की उपलब्धि की थी। लेकिन अब यह स्थिति बदल गई है। पुलिस अब स्वास्थ्यकर्मियों के साथ टेस्टिंग में शामिल हो सकती है। हम मोहल्ला-मोहल्ला और गांव से गांव जाकर टेस्टिंग करेंगे।

बिहार और छत्तीसगढ़ में हर किसी के दरवाजे पर जाकर हाल जान रहे स्वास्थ्यकर्मी: बिहार में हाल ही में शासन ने लोगों के घर-घर जाकर कोरोनावायरस की स्थिति जानने का फैसला किया। बिहार के मुख्य स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने शनिवार को इस सिलसिले में ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने 16 अप्रैल से 38 जिलों में लोगों के दरवाजे पर जाकर फ्लू जैसे लक्षणों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कृपया अपने घर आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें। साथ में हम कोरोना को हरा सकते हैं। हम आज से जिलावार संक्रमितों की सूची साझा करेंगे।

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