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यूपी में आवारा पशुओं पर फेल रही योगी सरकार- केंद्रीय मंत्री बोले सच्चाई स्वीकार करने में कोई हर्ज नहीं

आवारा पशुओं से जुड़े सवाल एक सवाल पर संजीव बलियान ने कहा है कि इस पर काम नहीं हो पाया, आगे हम इस पर काम करेंगे।  

Sanjeev Balyan, muzaffarnagar
संजीव बालयान (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस/फाइल)

विधानसभा चुनाव 2022 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है। किसान आंदोलन का प्रभाव भी यहां के कई इलाकों में हैं। आम लोगों में नेताओं के प्रति नाराजगी की बात कही जा रही है। चुनावी मुद्दों की बात करें तो खुले में घूमने वाले जानवर/आवारा पशु लगभग पूरे प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी समस्या है। अब केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने आवारा पशुओ को नियंत्रण कर पाने में सरकार की विफलता माना है।

विधायकों के प्रति नाराजगी पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?: आज तक चैनल से बात करते हुए संजीव बालियान ने कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर वोट दें, क्योकि सरकार विधायक नहीं, मुख्यमंत्री चलाते हैं। विधायकों के प्रति नाराजगी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच साल तक विधायक रहने के बाद कुछ मुद्दों को लेकर नाराजगी हो जाती है। आपसी विवाद और राजनीतिक कारणों से भी थोड़ी-बहुत नाराजगी होती है।

‘अखिलेश को ट्विटर-ट्विटर खेलने से मिलता है वोट’: धुव्रीकरण के मुद्दे पर संजीव बालियान ने कहा कि धुव्रीकरण हम नहीं कर रहे हैं। पाकिस्तान और जिन्ना को चुनाव में कौन लेकर आया? सब अखिलेश यादव कर रहे हैं। हमें काम करने पर वोट मिलता है। अखिलेश यादव को ट्विटर-ट्विटर खेलने और घर पर बैठने से वोट मिलता है।

‘आवारा पशुओं पर काम नहीं हो पाया’: संजीव बालियान से पूछा गया कि किसान के कई मुद्दे हैं, जैसे गन्ने के पैसे, बिजली और खासकर आवारा पशु को लेकर लोगों में बहुत गुस्सा है आपके इलाके में! इस उन्होंने कहा कि ये सच है और जो सच्चाई है, उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। सच्चाई से दूर नहीं भाग सकते। इस पर काम होना चाहिए था लेकिन काम नहीं हो पाया। आगे करेंगे। गन्ने की कीमते बढ़ी हैं, बिजली के बिल भी आधे हो गए हैं।

संजीव बालियान ने कहा कि कुछ काम हुए हैं, कुछ काम होने अभी बाकी है। हम तो काम करके चुनाव में जा रहे हैं। अखिलेश यादव तो सरकार में रहने बावजूद कोई काम नहीं कर पाए थे। 2012 से 2017 तक सपा की नाकामयाबी और 2017 से लेकर 2022 के बीच हमारी कामयाबी को लेकर हम चुनाव में जा रहे हैं।

आपको बता दें कि सजीव बालियान उसी इलाके से सांसद है, जहां के किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा राकेश टिकैत रहने वाले हैं। पिछले दिनों राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत और संजीव बालयान के बीच हुई मुलाकात खूब सुर्खियों में थी। इसके खूब राजनीतिक मायने भी निकाले गये थे। हालांकि बाद में दोनों ने यही कहा था कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी।   

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