समाजवाद के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे मुलायम सिंह – जब संसद में अखिलेश यादव के पिता पर जमकर बरसे थे योगी आदित्यनाथ

मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि अयोध्या में 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की पूर्ण पीठ ने जो फैसला दिया है। उसमें तीनों जजों ने एक ही स्वर में कहा है कि विवादित भूमि ही राम जन्मभूमि है।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (फोटो सोर्स – पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोल रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी में लगे सीएम योगी अखिलेश यादव पर निशाना साधने में पीछे नहीं है। सपा प्रमुख के साथ-साथ व मुलायम सिंह यादव पर भी तंज कसते नजर आ रहे हैं। हाल में ही उन्होंने अखिलेश यादव के पर तंज कसते हुए कहा था कि, ‘ उनके अब्बा जान ने कहा था कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा, लेकिन अब हम वहां राम मंदिर का निर्माण करा रहे हैं।’

सीएम योगी ने रविवार को भी कुशीनगर में अपने भाषण के दौरान अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पहले भी राशन मिलता था लेकिन तब अब्बा जान कहने वाले राशन हज़म कर जाते थें। सीएम योगी समाजवादी पार्टी पर अक्सर ही टिप्पणी करते रहते हैं। राम मंदिर के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ एक बार संसद में मुलायम सिंह यादव पर जमकर बरसे थे।

मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि अयोध्या में 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की पूर्ण पीठ ने जो फैसला दिया है। उसमें तीनों जजों ने एक ही स्वर में कहा है कि विवादित भूमि ही राम जन्मभूमि है। उन्होंने कहा था कि इस देश का संत समाज मंदिर बनाने की मांग कर रहा है, कोई पाप नहीं कर रहा है हम अपना हक मांग रहे हैं।

उन्होंने मुलायम सिंह यादव पर भड़कते हुए कहा था कि कि, ‘किस समाजवाद की बात मुलायम सिंह जी कर रहे हैं…… किस संविधान की बात कर रहे हैं यह?ये समाजवाद है…. स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं…इनके दो भाई महासचिव हैं…. इनका पुत्र प्रदेश अध्यक्ष है… कौन से समाजवाद की बात करते हैं? परिवारवाद की बात करते हैं बेवकूफ बना रहे हैं देश को।’

उन्होंने सपा पर बरसते हुए कहा था कि यह लोग समाज को बेवकूफ बना करके सेकुलरिज्म की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 30 – 30 दंगे उत्तर प्रदेश में हो चुके हैं। उन्होंने कहा था कि ये सरकार परंपरा की बात करती है….किस परंपरा की बात यह सरकार कर रही है? उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि क्या आतंकवादियों के खिलाफ दायर मुकदमों को वापस लेना, क्या यही इनकी परंपरा का हिस्सा है?

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