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World Wide Web Birthday Google Doodle: वर्ल्‍ड वाइड वेब आखिर इंटरनेट से क्‍यों है अलग, जानिए

Google Doodle on World Wide Web 30th Birthday: दुनिया की पहली वेबसाइट CERN में बनाई गई थी। यह वेबसाइट पहली बार 6 अगस्‍त, 1991 को ऑनलाइन की गई। दुनिया की पहली वेबसाइट और वेब सर्वर का पता info.cern.ch था।

World Wide Web Google Doodle: 1991 में टिम बर्नर्स-ली ने वर्ल्‍ड वाइड वेब को डिजाइन किया था।

Google Doodle World Wide Web Birthday: Google ने वर्ल्‍ड वाइड वेब (WWW) की 30वीं वर्षगांठ पर एनिमेटेड डूडल बनाया है। इसमें एक कंप्‍यूटर स्‍क्रीन पर धरती को घूमते दिखा गया है जो कि एक स्विच से जुड़ा है। इंटरनेट और वर्ल्‍ड वाइड वेब अलग-अलग चीजे हैं। WWW एक एप्लिकेशन है जिसे HTML भाषा, URL पतों और HTTP (हाइपर टेक्‍स्‍ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) के जरिए बनाया गया है। 1989 में यूरोप की मशहूर संस्‍था CERN में काम करते हुए सर टिम बर्नर्स ली ने वर्ल्‍ड वाइड वेब का सृजन किया। 1991 में दुनिया के पहले वेब ब्राउजर worldwideweb.app को दुनिया के लिए रिलीज किया गया।

आज इंटरनेट का जो विस्‍तृत स्‍वरूप हम देखते हैं वो टिम बर्नर्स ली के आविष्‍कार की बदौलत ही संभव हो सका। इंटरनेट नेटवर्क्‍स का ग्‍लोबल नेटवर्क है जबकि WWW सूचना का एक ऐसा संग्रह है जिसे इंटरनेट के जरिए एक्‍सेस किया जा सकता है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो इंटरनेट के भीतर WWW समाया हुआ है।

Live Blog

13:39 (IST) 12 Mar 2019
सिर्फ साढ़े तीन हजार रुपये में उपलब्‍ध है आपकी जानकारी

एक नई जांच में खुलासा हुआ है कि आपकी निजी जानकारी डार्क वेब पर मात्र 3,500 रुपये में बेची जा सकती है। इनमें हैक किए गए आपके सोशल मीडिया अकाउंट, उबर के साथ-साथ गेमिंग और पोर्न वेबसाइटों से बैंक और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी शामिल हैं। निजी जानकारी की कीमत जानने के लिए डार्क वेब मार्केटों की जांच करने वाली साइबर सुरक्षा कंपनी कास्परस्काई लैब के अनुसार, साइबर अपराधी किसी व्यक्ति की सारी डिजिटल जिंदगी 50 डॉलर से भी कम (लगभग 3,500 रुपये) में बेच सकते हैं।

12:56 (IST) 12 Mar 2019
साइबर सिक्‍योरिटी को अनदेखा करते हैं अधिकतर लोग

ओएलएक्स के '2019 इंटरनेट बिहैवियर सर्वे' के अनुसार, इंटरनेट का उपयोग करने वाले अधिकांश लोग अपने व्यक्तिगत जीवन में साइबर सिक्योरिटी के सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों की जाने-अनजाने में उपेक्षा करते हैं। उनके बच्चे ऑनलाइन क्या कंटेंट देख रहे हैं, इस पर वे नजर नहीं रखते हैं। 57 प्रतिशत लोगों ने माना कि ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, वे अपनी ईमेल आईडी और ऑनलाइन खातों को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं।

12:27 (IST) 12 Mar 2019
दुनिया का सबसे सस्‍ता मोबाइल डेटा भारत में

अनुमान है कि ग्रामीण भारत में 25.1 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं और यह संख्या 2019 के अंत तक 29 करोड़ हो सकती है। भारत में मोबाइल डेटा दुनिया में सबसे सस्‍ता है। आकड़ों के अनुसार, गांवों और शहरों में पिछले साल इंटरनेट यूजर्स की संख्या में वृद्धि के मामले में बिहार 35 फीसदी वृद्धि के साथ सबसे ऊपर रहा। भारत में इंटरनेट उपयोग करने के मामले में लिंग असमानता की खाई कम हुई है और महिलाएं देश में कुल इंटरनेट उपयोग का 42 फीसदी उपयोग करती हैं और वे इंटरनेट पर पुरुषों के बराबर समय देती हैं।

12:08 (IST) 12 Mar 2019
भारत में 2019 में होंगे 62.7 करोड़ इंटरनेट यूजर्स

ग्रामीण भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के कारण, इस साल के अंत तक देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 62.7 करोड़ को पार कर जाएगी जो 2018 के 56.6 करोड़ यूजर्स से 11 प्रतिशत ज्यादा होंगे। मार्केट रिसर्च कंपनी कानतार आईएमआरबी द्वारा जारी रिपोर्ट आईसीयूबीईटीएम 2018 के अनुसार, जहां शहरों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या सात प्रतिशत बढ़कर 2018 में 31.5 करोड़ हो गई थी, वहीं ग्रामीण भारत में 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

11:55 (IST) 12 Mar 2019
URL से होती है WWW एड्रेस की पहचान

'सूचना प्रबंधन : एक प्रस्ताव' शीर्षक वाले दस्तावेज में टिम बर्नर्स ली ने डॉक्यूमेंट्स को लिंक करने के लिए हाइपरटेक्स्ट के उपयोग की कल्पना की थी। डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू जिसे आमतौर पर वेब के रूप में जाना जाता है, एक सूचना स्थान है जहां डॉक्यूमेंट्स और अन्य वेब रिसोर्सेज की पहचान यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) द्वारा की जाती है।

11:32 (IST) 12 Mar 2019
आज दुनिया भर में 200 करोड़ वेबसाइट्स, आधी आबादी है ऑनलाइन

मुफ्त में सॉफ्टवेयर लॉन्‍च होने की वजह से लोग वेब का यूज तेजी से करने लगे। कंप्‍यूटर सस्‍ते होने से 1993-2000 के बीच इंटरनेट लोकप्रिय होता चला गया। 21वीं शताब्‍दी में जब मोबाइल इंटरनेट आया तो उसने पूरी दुनिया का स्‍वरूप ही बदल कर रख दिया। आज दुनिया की करीब आधी आबादी ऑनलाइन हैं करीब 2 बिलियन वेबसाइट्स वर्ल्‍ड वाइड वेब पर मौजूद हैं।

11:11 (IST) 12 Mar 2019
शुरू से ही मुफ्त रहा है WWW का इस्‍तेमाल

क्रिसमस आते-आते टिम ने महत्‍वपूर्ण चीजें जैसे HTML, URL तैयार कर ली थीं और पहला वेब सर्वर, ब्राउजर और एडिटर (वर्ल्‍डवाइडवेब) बना लिया था। 30 अप्रैल, 1993 को CERN ने WWW सॉफ्टवेयर का लेटेस्‍ट वर्जन मुफ्त में जनता के सामने रखा और किसी सुधार के लिए सुझाव मांगे।

10:51 (IST) 12 Mar 2019
टिम ने WWW का दिया था प्रस्‍ताव, रॉबर्ट थे साथी

मार्च, 1989 में सर टिम बर्नर्स ली ने विभिन्‍न कंप्‍यूटर्स पर सूचना को लिंक और एक्‍सेस करने के लिए इंटरनेट बेस्‍ड हाइपरटेक्‍स्‍ट सिस्‍टम का प्रस्‍ताव दिया था। नवंबर 1990 में इसे प्रस्‍ताव को औपचारिक रूप दिया गया। बर्नर्स ली के साथ उस प्रोजेक्‍ट पर CERN के ही रॉबर्ट कैलिलियु ने काम किया।

10:30 (IST) 12 Mar 2019
World Wide Web : ये है दुनिया की पहली वेबसाइट

दुनिया की पहली वेबसाइट का एड्रेस http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html है। इस पर आप जाएंगे तो बेहद साधारण वेबपेज दिखेगा। यहां पर आप हाइपरटेक्‍स्‍ट, अपना वेबपेज बनाने की तकनीकी जानकारी पा सकते हैं।

10:11 (IST) 12 Mar 2019
वर्ल्‍ड वाइड वेब (WWW) की 30वीं वर्षगांठ पर क्‍या बोले टिम

वर्ल्‍ड वाइड वेब की 30वी वर्षगांठ पर टिम बर्नर्स-ली ने एक मीडिया सम्‍मेलन में इंटरनेट यूजर्स ने अपने डेटा पर "पूरे कंट्रोल" की कोशिश करने की अपील की । उन्‍होंने निजी जानकारी के बढ़ते व्‍यापारिक इस्‍तेमाल की निंदा की। उन्‍होंने वेब द्वारा खुले नए आयामों की सराहना मगर चेतावनी दी कि इससे 'धोखेबाजों को भी मौका मिला है, नफरत फैलाने वालों को मौका मिला है, अपराध करना आसान हो गया है।"

09:52 (IST) 12 Mar 2019
इंटरनेट ने शुरू किया सूचना क्रांति का नया दौर

Mosaic को जल्‍द ही Internet Explorer ने रिप्‍लेस किया। इसके बाद 1990 के अंतिम सालों और नई शताब्‍दी में इंटरनेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और आज अरबों लोग इंटरनेट इस्‍तेमाल करते हैं। 21वीं शताब्‍दी के पहले दशक में ही वायरलेस इंटरनेट की नींव पड़ी और सूचना क्रांति का एक नया दौर शुरू हुआ।

09:35 (IST) 12 Mar 2019
World Wide Web : Mosaic ने दिलाई पूरी दुनिया में पहचान

अप्रैल 1993 में WWW को सार्वजनिक किया गया। इसकी लोकप्रियता उसी साल नवंबर से, जब Mosaic को लॉन्‍च किया गया। यह पहली सर्च इंजन था तो तस्‍वीरें भी ले लेता था। इससे वेब की दुनिया ही बदल गई, यह और यूजर-फ्रेंडली होता चला गया।

09:23 (IST) 12 Mar 2019
कैसे हुई WWW की शुरुआत

शुरू में बर्नर्स-ली ने 'मेश' नाम का 'टाइप्‍ड लिंक्‍स के साथ बड़ा हाइपरटेक्‍स्‍ट डेटासबेस' बनाया था ताकि CERN में अपने सहयोगियों की विभिन्‍न कंप्‍यूटर्स के बीच जानकारी साझा करने में मदद कर सकें। उनके बॉस ने समय दिया कि वह इसको और विकसित कर सकें और नतीजा हमारे सामने है।