अंबानी परिवार की छोटी बहू राधिका मर्चेंट का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक पॉडकास्ट में राधिका अंबानी मर्चेंट ने खुलासा किया कि न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका में करियर बनाने के बजाय भारत लौटने का फैसला क्यों किया।

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की पत्नी राधिका मर्चेंट ने बताया, ”जब वह अमेरिका में पढ़ाई कर रही थीं, ट्रंप राष्ट्रपति बनने जा रहे थे। चुनाव प्रचार चल रहा था। उस दौरान वहां राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी उथल-पुथल का माहौल था। वहीं भारत में तेजी से विकास हो रहा था और देश के भविष्य को लेकर एक सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा था।

‘देश में अपार संभावनाएं’

उन्होंने कहा, ”उस समय भारत में बीजेपी को मजबूत जनादेश मिला था। आधार, यूपीआई और जियो जैसी डिजिटल क्रांतियों ने देश को नई दिशा दी थी।” राधिका के मुताबिक, भारत की आर्थिक विकास दर उस समय 8.5 प्रतिशत थी जो अमेरिका की तुलना में काफी बेहतर थी। यूएसए की ग्रोथ रेट उस समय 2-3 प्रतिशत थी जिससे उन्हें लगा कि देश में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।”

राधिका ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका आए थे और मैडिसन स्क्वायर पार्क में हुए एक रैली में शामिल होने के बाद उनके मन में भारत लौटने का विचार और मजबूत हो गया। उन्होंने कहा कि उस कार्यक्रम में उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य और विकास की नई तस्वीर दिखाई दी।

‘इमोशनल इंफ्रास्ट्रक्चर’

अंबानी परिवार की बहू ने ‘इमोशनल इंफ्रास्ट्रक्चर’ का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार, समाज और अपने लोगों का साथ किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। उनके अनुसार, रोड और रेलवे जैसी भौतिक सुविधाएं ही नहीं बल्कि अपने देश और समाज से जुड़ाव भी जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राधिका मर्चेंट ने कहा कि भारत लौटने का उनका फैसला सिर्फ करियर या आर्थिक अवसरों से जुड़ा नहीं था बल्कि देश के लिए कुछ करने की जिम्मेदारी का एहसास भी इसकी बड़ी वजह था। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा महसूस हुआ कि अपने देश के विकास में योगदान देना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस (Financial Independence) की बात करते हुए राधिका ने कहा, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किसकी बेटी हैं, किसकी पत्नी बनती हैं या आप अपनी जिंदगी कितनी सुविधाजनक तरीके से जी रही हैं। अपने फैसले खुद लेने के लिए आपको वित्तीय तौर पर स्वतंत्र होना चाहिए। अगर हम महिलाओं को फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट होने की अनुमति नहीं देंगे तो हमारे समाज में पूरी तरह से जेंडर इक्वलिटी (लैंगिक समानता) कभी नहीं आ पाएगी।

राधिका का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और कई लोग उनके भारत लौटने के फैसले की सराहना कर रहे हैं।