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7th Pay Commission लागू होने को जेटली ने बताया ऐतिहासिक, लोगों ने पूछा- प्राइवेट सेक्‍टर का क्‍या?

मोदी सरकार ने बुधवार को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। इससे सरकारी खजाने पर करीब सवा लाख करोड़ का अतिरिक्‍त बोझ पड़ेगा।

Author नई दिल्‍ली | July 6, 2017 19:18 pm
7वां वेतन आयोग लागू होने से वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में सरकार को 1,02,100 करोड़ का खर्च वहन करना होगा। इसमें वेतन में होने वाली 39,100 करोड़ रुपए की बढ़ोत्‍तरी शामिल है। भत्‍तों में बढ़ोत्‍तरी से 29,300 करोड़ रुपए तथा पेंशन में बढ़ोत्‍तरी से 33,700 करोड़ रुपए का अ‍तिरिक्‍त भार सरकारी खजाने पर पड़ेगा। सरकार इसके लिए केन्‍द्रीय बजट में 73,560 करोड़ तथा रेलवे बजट में 28,450 करोड़ रुपए का प्रावधान करेगी। (EXPRESS ARCHIVE)

कैबिनेट द्वारा 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के बाद अब लोग पूछ रहे हैं कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सरकार की क्‍या योजना है। बुधवार को कैबिनेट द्वारा 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें मांगे जाने की खबर आते ही सोशल मीडिया पर #7thPayCommission टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गया। यूजर्स ने फैसले के कई पहलुओं पर अपनी राय रखी। वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, ”7वें वेतन आयोग के जरिए केन्‍द्रीय सरकार के अफसरों, कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनके वेतन और भत्‍तों में ऐतिहासिक बढ़ोत्‍तरी पर बधाई।”

जेटली के इस ट्वीट पर लोगों में खासी नाराजगी नजर आई। कई यूजर्स ने निजी क्षेत्र को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया। कुछ ने वेतन बढ़ोत्‍तरी के आधार पर ही सवाल खड़े कर दिए तो कुछ ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली बयान करने में देर नहीं लगाई।

जेटली के ट्वीट के जवाब में आए कुछ तीखे ट्वीट: