Chandrashekhar Azad News: उत्तर प्रदेश के नगीना से लोक सभा सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के 15 मार्च को बाराबंकी में दिए भाषण के एक अंश पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। सांसद आजाद पर हिंसक को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है और कई यूजर चंद्रशेखर के भाषण के उस हिस्से की अधूरी क्लिप शेयर कर रहे हैं। यहां आप उनके भाषण का पूरा अंश नीचे पढ़ सकते हैं।

बाराबंकी में 15 मार्च को कांशीराम की जयंती पर नगीना सांसद चंद्रशेखर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “रोज सरेआम गुंडागर्दी चल रही है और ऐसा बोल रहे थे कि घुसने नहीं देंगे और पैर तोड़ देंगे। मैं चमड़े की चप्पल पहनकर आया हूं और भीम आर्मी का और आजाद समाज पार्टी का झंडा और डंडा मजबूत हैं। मैं बता देना चाहता हूं कि हम चमड़ा उतारना भी जानता हूं। उसका जूता बनाना भी जानते हैं और समय आने पर सिर पर पटक कर मारना भी जानते हैं।”

आपको असंवैधानिक रास्तों पर नहीं जाना है- चंद्रशेखर

चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा, “जिस तरह की गैर जिम्मेदारी यहां के कुछ अति ऊर्जावान और गैर जिम्मेदार नौजवानों ने दिखाई, उनकी बातों में आकर हिंसा के और असंवैधानिक रास्ते पर नहीं जाना है। ऐसे गुंडों के चक्कर में नहीं पड़ना है और अनुशासन में रहकर और संवैधानिक दृष्टि से महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलेंगे।”

कानून व्यवस्था को लेकर क्या बोले चंद्रशेखर रावण

चंद्रशेखर रावण ने दावा किया कि जब वह बाराबंकी आ रहे थे तो रास्ते में उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके गए। यह पत्थर उन पर नहीं बल्कि प्रदेश सरकार के उन दावों पर फेंके गए हैं, जिनमें कानून व्यवस्था मजबूत होने की बात कही जाती है। ये उत्तर प्रदेश के साख पर हमला है। हम तो सत्ता में नहीं, लेकिन सत्ता द्वारा पोषित जब गुंडे इस तरह का काम करते हैं तो वो मुख्यमंत्री और उनकी कानून व्यवस्था को चैलेंज करते हैं।

करणी सेना ने दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में 15 मार्च को आजाद समाज पार्टी की कांशीराम जयंती पर प्रस्तावित रैली से ठीक पहले करणी सेना के प्रदेश महामंत्री अभिनव सिंह ने चंद्रशेखर आजाद रावण के खिलाफ खुला विरोध जताया। उनका विरोध स्पष्ट रूप से केवल चंद्रशेखर रावण को लेकर है। अभिनव ने कहा, ‘अगर बाराबंकी आए तो अपने पैरों पर आएंगे, लेकिन अपने पैरों से जा नहीं पाएंगे।’ उन्होंने चंद्रशेखर पर हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, दलितों को भड़काने और मुसलमानों की सरपरस्ती करने का भी आरोप लगाया।

गांव के बाहर ‘द ग्रेट चमार्स’ बोर्ड से चर्चा में आए थे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर का जन्म सहारनपुर में चटमलपुर के पास घडकौली गांव में हुआ था। इनके पिता गोवर्धन दास सरकारी स्कूल में प्रिसिंपल थे। इनकी मां का नाम कमलेश देवी है। चंद्रशेखर ने डीएवी कॉलेज, देहरादून से पढाई की है। साल 2011 में चंद्रशेखर हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका जाना चाहते थे। लेकिन जब वे सहारनपुर के अस्पताल में अपने पिता का इलाज करा रहे थे उस दौरान उन्होंने दलितों पर अत्याचार की एक खबर पढ़ी। इसके बाद उन्होंने विदेश जाने का विचार छोड़ दलित एक्टिविस्ट बनने का फैसला किया। पढ़ें पूरी खबर…