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गमछे की तस्वीर पोस्ट कर वीरेंद्र सहवाग ने बताई बहादुरी की कहानी

पूर्व इंडियन क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक गमछे और एक ट्रेन की तस्वीर ट्वीट कर बहादुरी की एक कहानी बयां की है। वीरेंद्र सहवाग ने बताया है कि कैसे कुछ लोगों ने एक लाल रंग के गमछे का इस्तेमाल कर एक राजधानी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया।

तस्वीर को वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया है।

पूर्व इंडियन क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक गमछे और एक ट्रेन की तस्वीर ट्वीट कर बहादुरी की एक कहानी बयां की है। वीरेंद्र सहवाग ने बताया है कि कैसे कुछ लोगों ने एक लाल रंग के गमछे का इस्तेमाल कर एक राजधानी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया। मामला किस जगह का है, यह वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट में नहीं बताया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- ”सच्चे हीरो बिमल कुमार और उनके दोस्त सुबोध यादव, बबलू राम, और कुछ गांववालों ने रेलवे ट्रैक में दरार देखकर तेज रफ्तार आ रही राजधानी को पास के एक घर से लाल गमछा दिखाया और संभावित दुर्घटना से बचने में मदद की। उनकी सतर्कता के लिए उन्हें यश मिले।” इसी के साथ सहवाग ने पोस्ट में गमछा रॉक्स का हैशटैग भी लगाया। दरअसल मामला शुक्रवार (9 मार्च) की सुबह का है। नई दिल्ली से गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ के लिए चलने वाली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को गांव वालों ने गमछा दिखाकर दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाया।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार के कटिहार जिले के बरौनी-कटिहार सेक्शन के चैधा-बनी हॉल्ट से जब ट्रेन गुजर रही थी, तभी बिमल कुमार नाम के शख्स ने एक जोर की संदिग्ध आवाज सुनी। कुछ गलत होने का अदेशा पाकर बिमल कुमार ने अपने साथियों सुबोध यादव,  बबलू राम और कुछ ग्रामीणों को बुला भेजा और उन्हें टूटा हुआ ट्रैक दिखाया। यह तब हुआ जब कुछ ही देर में राजधानी वहां से गुजरने वाली थी।

लोगों ने देर न करते हुए पास के घर से लाल गमछा ट्रेन को दिखाया। ड्राइवर ने इसे खतरे का संकेत मानकर इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन बहुत रफ्तार में थी, इसलिए ब्रेक लगाने पर गाड़ी जब तक रुकती, ट्रेन का इंजन और तीन कंपार्चमेंट टूटे हुए ट्रैक से गुजर चुके थे। गांव वालों की समझ से एक बड़ा हादसा टाला जा सका। रेल अधिकारियों ने गांव वालों की समझ का लोहा माना और उनकी प्रशंसा की। इसके बाद रेलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर टूटे हुए ट्रैक की मरम्मत की और तब जाकर स्थिति सामान्य हो पाई।

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