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वीडियो: थाने में घुस कर्नल ने पुलिस को धमकाया- दोबारा मेरे लड़कों को टच किया तो देख लेना

किरेन रिजिजु ने कहा कि 'मैं और रक्षा मंत्री इस मामले को देख रहे हैं। मैं सभी लोगो से अपील करता हूं कि इस मामले को सेना और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव का मामला ना बनाएं।'

Author Published on: November 11, 2018 3:38 PM
वीडियो में सिविल अधिकारी को धमकाते सैन्य अधिकारी। (image source-Twitter/video grab image)

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी देखा जा रहा है। इस वीडियो में भारतीय सेना के एक कर्नल, एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम धमकाते नजर आ रहे हैं। घटना उत्तर पूर्व के राज्य अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला इलाके की है। इस वीडियो को आईपीएस एसोसिएशन द्वारा अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है। अपने इस पोस्ट के साथ आईपीएस एसोसिएशन ने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें भारतीय सेना के कर्नल, पुलिस अधिकारी को धमकाते साफ सुने जा सकते हैं। इस ट्वीट के साथ आईपीएस एसोसिएशन ने लिखा है कि “बोमडिला डिजर्व केन्टोनमेंट में भारतीय सेना के एक कर्नल खुलेआम सिविल अथॉरिटीज को धमका रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सिविल अथॉरिटी ने बड़ी ही समझदारी भरा व्यवहार किया और सरदार की इस सलाह को पूरी तरह से माना कि ‘एक पुलिसकर्मी, जो अपना आपा खो देता है, वह पुलिस अधिकारी नहीं बनता है।” इस पोस्ट के साथ एसोसिएशन ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है और #ArmyNotAboveLaw का टैग भी इस्तेमाल किया है।

इस पोस्ट के साथ अपलोड किए गए वीडियो में सैन्य अधिकारी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि ‘अगली बार जब तुम बोमडिला में निकलो तो ध्यान रखना। ये तुम्हे सीधी धमकी है। इसे के चेतावनी के रुप में लेना कि अगर तुमने फिर मेरे लड़कों को हाथ लगाने की कोशिश की तो तुम देखना मैं क्या करता हूं।’ वहीं इस वीडियो के सामने आने के बाद इसे पुलिस और सेना के बीच टकराव के तौर पर देखा जा रहा है। मामला बढ़ता देख सरकार को भी इस मामले में दखल देना पड़ा है। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और किरेन रिजिजु को भी बयान जारी करना पड़ा। किरेन रिजिजु ने कहा कि ‘मैं और रक्षा मंत्री इस मामले को देख रहे हैं। मैं सभी लोगो से अपील करता हूं कि इस मामले को सेना और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव का मामला ना बनाएं।’

रिजिजु ने कहा कि सेना और पुलिस प्रशासन दोनों ही देश की सेवा पूरे समर्पण से कर रहे हैं। एक घटना इन महान संस्थानों की छवि को धूमिल नहीं कर सकती। बता दें कि पुलिस और सेना के जवानों के बीच इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब कथित तौर पर सेना के जवानों ने बोमडिला के बुद्ध महोत्सव समारोह के दौरान नागरिकों और पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी की थी। इसके बाद पुलिस ने कुछ जवानों को हिरासत में ले लिया था।

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