बारिश के मौसम में गरमा-गरम समोसे खाने की तलब होना आम बात है। अगर किसी दुकान पर ताजा समोसे बन रहे हों तो लोग अक्सर रुककर उनका स्वाद लेना पसंद करते हैं। लेकिन जब समोसे का स्वाद किसी की जिम्मेदारी के बीच आ जाए तो मामला गंभीर हो जाता है।
सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक ट्रेन दिखाई दे रही है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह मालगाड़ी है या पैसेंजर ट्रेन। इसके इंजन से एक व्यक्ति उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदता हुआ दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि समोसे खरीदने वाला व्यक्ति ट्रेन का लोको पायलट है। वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही ट्रेन महू और इंदौर के बीच चलती है।
रेलवे ने कहा- भ्रामक तरीके से प्रसारित हुआ वीडियो
पश्चिम रेलवे ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को भ्रामक बताया। रेलवे के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही गाड़ी कोई यात्री ट्रेन नहीं, बल्कि एक मालगाड़ी थी जो राऊ यार्ड में पूर्व निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण ‘होम सिग्नल’ पर खड़ी थी।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, ”वीडियो की पड़ताल कराई गई है जिसमें पता चला कि संबंधित मालगाड़ी को आगे ट्रैक पर जारी इंजीनियरिंग कार्य के कारण सिग्नल नहीं मिला था और इस वजह से उसे राऊ के ‘होम सिग्नल’ पर रोका गया था।”
मुकेश कुमार ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं, बल्कि एक स्पेयर (आरक्षित) सहायक लोको पायलट था। उन्होंने कहा कि अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से खाद्य सामग्री खरीदी थी।
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