ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी के गुजरात में हो रहा जीएसटी का कड़ा विरोध, पर नरम और अलग अंदाज में

नरेंद्र मोदी सरकार ने एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू किया है। "एक देश एक कर" की नीति के तहत जीएसटी ने देश में सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह ली है।

Huge cutout of PM Modiनरेंद्र मोदी सरकार ने एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू किया है। (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्य गुजरात में केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा लगाए गए जीएसटी का विरोध हो रहा है। विरोध प्रदर्शनों के अलावा अन्य रचनात्मक तरीकों से भी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में एक काव्य सम्मेलन का आयोजन किया। गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में जीएसटी संघर्ष समिति नामक संगठन ने 15 जून को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। ये समिति चाहती है कि टेक्सटाइल पर लगाया गया टैक्स हटाया जाए। समिति ने जीएसटी के विरोध में एक कविता पाठ का भी आयोजन किया जिसमें कवियों ने चुटीले और व्यंग्यात्मक अंदाज में जीएसटी पर तंज कसा। (खबर के अंत में देखें वीडियो) एक कवि ने काव्य सम्मेलन में कहा, “जीएसटी की शर्तें सारी कातिल हैं, हत्यारी हैं/अपने भी बीवी-बच्चे हैं सबकी जिम्मेदारी है।”

कवि ने दावा किया कि भारत में कृषि के बाद कपड़ा उद्योग दूसरा सबसे बडा़ उद्योग है और इसे किसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कवि ने कहा कि जो लोग उनका काव्य पाठ रिकॉर्ड कर रहे हैं वो इसे दिल्ली के बहरे कानों तक पहुंचाएं। एक अन्य कवि ने सम्मेलन में कविता पढ़ी, “जीएसटी से होगी टेंशन, टेंशन से बीमारी, बार-बार करें आंदोलन हम सारे व्यापारी/ तुम्हें फर्क पड़ता ही नहीं तुम हो कैसे सिंघम, मोदी जी अब महंगाई कर दो थोड़ी कम/ हम जैसे लोगों पर कर दो अब थोड़ा सा करम/ हिंदू मुस्लिम को लड़वाते, दंगे ये करवाते, मेहनत मजदूरी करते लूट के ये ले जाते/ हाय सियासत अब भी तुमको आती नहीं शरम”

गुजरात के सूरत में पिछले हफ्ते हजारों कपड़ा व्यापारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत टेक्सटाइल पर पांच प्रतिशत टैक्स लगाने के विरोध में प्रदर्शन किया। गुजरात के हीरा व्यापारी भी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। गुजरात कपड़ा और हीरा दोनों क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य है। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विजय रूपानी के नेतृत्व वाली सरकार है। जीएसटी को केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने एक जुलाई से पूरे देश में लागू किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में जीएसटी परिषद ने सभी वस्तुओं और सेवाओं पर चार दरों (पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत) से टैक्स लगाया है।
वीडियो- देखिए जीएसटी के विरोध में हुआ कविता पाठ-

जीएसटी का विरोध करने वाले अकेले व्यापारी नहीं हैं। महिलाएं भी सैनेटरी पैड पर जीएसटी के तहत टैक्स लगाए जाने का विरोध कर रही हैं। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की मांग है कि मोदी सरकार सैनेटरी पैड को टैक्स फ्री करे। किसानों ने खाद पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने का विरोध किया था जिसके बाद सरकार ने इसे कम करके पांच प्रतिशत कर दिया।

वीडियो- देखिए एक दूसरे कवि ने किस तरह जीएसटी पर तंज कसा-

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 साधुओं ने शिवलिंग पर चढ़ा दिया जानवर का मांस, वायरल हो रहा है सीरियल हर हर महादेव का ये वीडियो
2 पार्क में बैठी प्रियंका चोपड़ा को पीछे से आकर एक शख्स ने पकड़ लिया, वायरल हो रहा है PC की अगली फिल्म का सीन
3 बीजेपी विधायक का बयान: मुसलमानों ने राम मंदिर बनाने से रोका तो नहीं जाने देंगे हज पर…ये हिंदुओं का देश है
यह पढ़ा क्या?
X