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11 बच्‍चों की मौत पर इस देश के स्‍वास्थ्‍य मंत्री ने दिया इस्‍तीफा, लोग यूपी सीएम योगी को सुनाने लगे बुरा-भला

लोग बोले कि विदेश में मंत्री इस्तीफा दे देते हैं, पर भारत में योगी आदित्यनाथ सरीखे मंत्री यह सुनिश्चित करते हैं कि कफील खान जैसे ईमानदार डॉक्टरों को इस्तीफा देना पड़े।

अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में लगभग 70 बच्चों की जान चली गई थी, उसी को लेकर योगी को ट्रोल किया गया। (टि्वटर/एजेंसी)

ट्यूनिशिया की राजधानी में 24 घंटों के भीतर 11 बच्चों की रहस्यमयी हालत में मौत हो गई। घटना के बाद हो-हल्ला मचा और शनिवार (नौ मार्च, 2019) को स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल-राऊफ-अल-शरीफ ने इस्तीफा सौंप दिया। दुनिया भर में यह खबर सुर्खियों में छाई और उसके बाद सोशल मीडिया पर भी आई। यूजर्स ने इसी को आधार बनाया और गोरखपुर के अस्पताल में बच्चों की जान जाने की घटना का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

लोग बोले कि विदेश में मंत्री इस्तीफा दे देते हैं, पर भारत में योगी आदित्यनाथ सरीखे मंत्री यह सुनिश्चित करते हैं कि कफील खान जैसे ईमानदार डॉक्टरों को इस्तीफा देना पड़े। यहां तक कि अगर 400 बच्चों की महीने भर में मौत हो जाए, तब हमारे अनपढ़ मंत्री यही कहेंगे कि वह तो ‘अगस्त’ (कई माह पहले की बात) है।

एक अन्य यूजर ने लिखा, “भारतीय सरकार डॉक्टरों को गिरफ्तार करेगी और विपक्ष के नेताओं से सवाल करेगी। यही ‘न्यू इंडिया’ है।” आईएमए नाम के अकाउंट से दावा किया गया- अस्पतालों में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो गई/हो रही है, पर योगी अभी भी भारत में मुख्यमंत्री बने हुए हैं।

देखें लोगों ने कैसे-कैसे कमेंट्स और ट्वीट्स किएः

दरअसल, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में अगस्त, 2017 में तकरीबन 70 बच्चों की जान चली गई थी। कहा जा रहा था कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई, जबकि घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि बच्चों की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया था कि पिछले तीन सालों में रोजाना 17-18 बच्चों की जान गई।

मामला गर्माने के दौरान डॉक्टर कफील खान को भी नौ आरोपियों में शामिल कर लिया गया था। उन पर अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराने का आरोप लगा था। दावा किया गया था कि चोरी के ऑक्सीजन सिलेंडर वह अपने निजी क्लिनिक ले जाते थे। आरोपों के चलते उन्हें अस्पताल की सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था और बाद में उन्हें जेल भी जाना पड़ा। हालांकि, उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी। सफाई में खान ने कहा था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया, जबकि  सीएम ने कहा था कि बच्चों के मरने की घटना को स्थानीय ‘आंतरिक राजनीति’ की वजह से हवा मिली थी।

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