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कैंसर पीड़ित मां के लिए सोशल मीडिया पर की फरियाद, मदद को आगे आए सीएम

इससे पहले सूबे में कथित तौर पर भूख से दो लोगों के मरने पर मुख्यमंत्री की काफी आलोचना की गई थी।
ट्विटर के जरिए मदद करने के मामले में आमतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम सामने आता रहा है। (फोटो सोर्स ट्विटर और फाइल)

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए जरुरतमंद की सहायता कर चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल ट्विटर पर अनिल चौरसिया ने सीएम से मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, सर मेरी मां कैंसर की मरीज हैं। जिनके इलाज के लिए हम मुंबई जा रहे हैं। लेकिन रेलवे में हमें आरएसी (Reservation Against Cancellation) सीट मिली है। प्लीज हमारी मदद करिए। चौरसिया के इस ट्वीट पर सीएम रघुबर ने रिट्वीट करते उन्हें मदद का आश्वासन दिया और मोबाइल नंबर मांगा। सीएम ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, सुगसलाई के थाना प्रभारी आपकी मदद के लिए टाटानगर स्टेशन पर हैं। रेलवे सुपरिटेंडेंट से भी आप संपर्क कर सकते हैं। शख्स की मदद के लिए एक फोन नंबर भी दिया गया। न्यूज-18 की खबर के अनुसार शख्स को उसकी सुविधानुसार सीट मिल गई है। वहीं ट्विटर यूजर्स मुख्यमंत्री की इस मदद की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे एक अच्छी पहल बताया है तो कुछ ने लिखा, सभी की समस्या ऐसे ही हल हों।

देखें ट्वीट्स

गौरतलब है कि इससे पहले सूबे में कथित तौर पर भूख से दो लोगों के मरने पर मुख्यमंत्री की काफी आलोचना की गई थी। मृतकों की मौत पर बयान दिए जाने पर तो उनकी सोशल मीडिया जैसे प्लेफॉर्म पर भी तीखी आलोचना हुई थी। दरअसल बीते दिनों बैजनाथ रविदास (45) की मौत हो गई थी। रविदास की पत्नी पार्वती देवी का कहना था कि उनके पति की मौत भूख की वजह से हुई थी। क्योंकि उन्होंने दो दिनों से खाना नहीं खाया था। परिवार के पास दवाईयां खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। बातचीत में उन्होंने आगे बताया, पिछले दो दिनों से चूल्हा नहीं जला था, क्योंकि घर में खाने के लिए कुछ नहीं था और बैजनाथ ने भूख के आगे घुटने टेक दिए। हालांकि इस मामले में सीएम रघुबर दास का कहना अलग था। उन्होंने कहा था कि जिस शख्स की मौत हुई है उसके दो बेटे हैं जो सात-आठ हजार रुपए पति महीना कमाते हैं। शख्स की मौत भूख की वजह से नहीं बल्कि बीमारी की वजह से हुई थी। जोकि पिछले एक महीने से बीमार था। हॉस्पिटल ने भी मौत की वजह बीमारी को बताया था। रघुबर दास के इस बयान के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने जमकर आलोचना की थी।

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