UP Election Result 2017, UP Nagar Nikay Nigam Chunav Election Result 2017: AAP Leader Kumar Vishwas's Tweet on BJP Victory made fun of him on Twitter - भाजपा की जीत पर कुमार विश्‍वास ने AAP के लिए किया ऐसा ट्वीट कि लोग बोले- मजे ले रहे हैं सरजी? - Jansatta
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भाजपा की जीत पर कुमार विश्‍वास ने AAP के लिए किया ऐसा ट्वीट कि लोग बोले- मजे ले रहे हैं सरजी?

UP Nagar Nikay Election/Chunav Result 2017: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी का बुरा हाल हुआ है। पार्टी इस नगर निगम चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। पार्टी नेता कुमार विश्वास ने इसी को लेकर एक ट्वीट किया।

राजनीतिक जानकार मशहूर कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के इस ट्वीट को आप पर तंज के रूप में देख रहे हैं। (फोटोः फेसबुक/टि्वटर)

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी का बुरा हाल हुआ है। पार्टी इस नगर निगम चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने इसी पर शुक्रवार को एक ट्वीट किया। विश्वास ने इसके जरिए अपनी ही पार्टी के नेता संजय सिंह पर तंज कसा। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को इस बाबत बधाई दी। साथ ही संजय और उनके कार्यकर्ताओं की चुनाव के दौरान कड़ी मेहनत के लिए साधुवाद दिया। सोशल मीडिया पर जैसे ही उनके इस ट्वीट पर लोगों की नजर पड़ी, तो वे पूछने लगे कि सर बधाई दे रहे हैं या मजे ले रहे हैं? मशहूर कवि ने ट्वीट किया था, “विजयी भाजपा और विपक्ष में आई बसपा को बधाई। भाई संजय सिंह के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं, दिल्ली के विधायकों, मंत्रियों ने रैलियों-रोड शो के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश में जो दिन-रात प्रचार किया, उसके लए साधुवाद। हम एक कदम आगे बढ़े।”

टि्वटर यूजर्स ने इसी पर लिखा कि सर, साधुवाद दे रहे हैं या मजे ले रहे हैं? वहीं, त्रिलोक पंडित नाम के टि्वटर हैंडल से लिखा गया कि इसे कहते हैं भिगो कर मारना। जबकि एक अन्य यूजर ने कहा कि केजरीवाल की यूपी नगर निगम चुनाव में सुनामी। नीचे से सबसे पहले नंबर पर पहुंचे। देखिए कुछ ऐसे ही ट्वीट्स-

नगर निगम के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत में भी झाड़ू कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। ऐसे में राजनीतिक मामलों के जानकार इसे कुमार के तगड़े तंज के रूप में देख रहे हैं। सूत्रों की मानें, तो विश्वास और आप के कुछ नेताओं में काफी दिनों से मनमुटाव था। यह यत इससे समझी जा सकती है कि यूपी का होने के बावजूद उन्हें यहां निकाय चुनाव के दौरान प्रचार के लिए नहीं उतारा गया।

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