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VIDEO: रोजगार पर बोले केंद्रीय मंत्री- सबको जॉइंट सेक्रेट्री की नौकरी चाहिए, संभव नहीं है

वीके सिंह ने कहा कि 'देश में नौकरियां दो हिस्सों में होती हैं, एक संगठित सेक्टर में होता है और दूसरा गैर-संगठित सेक्टर होता है और 90% काम गैर-संगठित सेक्टर में होता है।

केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह। (file pic)

केन्द्र सरकार देश में रोजगार के मुद्दे पर घिरी हुई है। विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर हमलावर हैं और आगामी चुनावों को देखते हुए देश में बेरोजगारी की समस्या को खूब उछाल रही हैं। हाल ही में NSSO की रिपोर्ट लीक होने की खबरें आयीं थी, जिसमें पिछले पांच सालों के दौरान देश में करीब 4.3 करोड़ नौकरियों की कमी आयी है। इंडिया टीवी ने एक कार्यक्रम के दौरान रोजगार के मुद्दे पर ही विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से बात की। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने वीके सिंह से रोजगार के मुद्दे पर सवाल किया तो वीके सिंह ने कहा कि ‘देश में नौकरियां दो हिस्सों में होती हैं, एक संगठित सेक्टर में होता है और दूसरा गैर-संगठित सेक्टर होता है और 90% काम गैर-संगठित सेक्टर में होता है। आंकड़ों को तो तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सकता है।’

सरकार के हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने के सवाल पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “सरकार के अंदर नौकरियां नहीं हैं। अब आप चाहें कि ज्वाइंट सेक्रेटरी बनना चाहिए, तो यह संभव नहीं है।” बता दें कि हाल ही में नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस की एक हालिया रिपोर्ट मीडिया में लीक हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि देश में पुरुष कामगारों की संख्या में कमी आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया था कि साल 1993-94 से साल 2017-18 तक देश में पुरुष कामगारों की संख्या में 28.6 करोड़ की कमी आयी है। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले पांच सालों के दौरान देश में रोजगार के बेहद ही कम मौके पैदा हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने यह रिपोर्ट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। जिसके विरोध में नेशनल स्टेटिकल कमीशन के कार्यवाहक चेयरपर्सन पीसी मोहनन और एक सदस्य जेवी मीनाक्षी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि साल 2011-12 से लेकर साल 2017-18 के बीच देश के ग्रामीण सेक्टर में 4.3 करोड़ नौकरियां कम हुई हैं। शहरी इलाकों में 40 लाख नौकरियां कम हुई।

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