गठबंधन तोड़ने पर उद्धव ठाकरे पर भड़के twitter यूजर्स, बताया- पांच गांव भी ना देने वाला दुर्योधन
उद्धव ने कहा कि आपने अपना एक ऐसा कट्टर समर्थक खो दिया है जिसने हमेशा आपका समर्थन किया है। उस समर्थक ने गुजरात दंगों के बाद मोदी का भी समर्थन किया था जबकि उस समय हर कोई उनके खिलाफ था।’

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव को लेकर शिवसेना और बीजेपी पूरी तरह खुलकर सामने आ गए हैं। दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ खुल कर बोल रही हैं। बीएमसी को लेकर दोनों पार्टियों का 25 साल पुराना गठबंधन टूट चुका है। बीएमसी के लेकर अपनी पहली रैली में ही उद्धव ठाकरे ने बता दिया इस बार दोनों पार्टियों कड़वाहट काफी गहरी है। उन्होंने कहा कि, ‘भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि यह एक दोस्ताना मुकाबला है जबकि राज्य के नेताओं ने इसे ‘कौरवों’ और ‘पांडवों’ के बीच का ‘महाभारत’ बताया है। मैं अमित शाह से कहना चाहता हूं कि अब यह दोस्ताना मुकाबाला नहीं है। आपने अपना एक ऐसा कट्टर समर्थक खो दिया है जिसने हमेशा आपका समर्थन किया है। उस समर्थक ने गुजरात दंगों के बाद मोदी का भी समर्थन किया था जबकि उस समय हर कोई उनके खिलाफ था।’
Uddhav Thackeray is going Lalu way. So scared of BJP, he may ally with CONgis or NCP to stop Modi's BJP.
Bala saheb' @ShivSena is dead!
— GB (@_Gbhat) February 4, 2017
Balasaheb was a dynamic symbol of Hindus in India, but how many Hindus know about his son Uddhav Thackeray.?
It's all about #Karma— Shashank Pradhan ✍ (@PradhanShashank) February 4, 2017
Uddhav Thackeray reminds me of Duryodhan of Mahabharat who was not ready to give even 5 villages but lost everything in war
— Rishi Bagree (@rishibagree) January 26, 2017
Gandhi's Pappu was ever popular but none knew that even Thackeray 's had a Pappu
Uddhav Thackeray— Adv. Pragya Bhushan (@pragya_bhushan) January 26, 2017
Hilarious Cartoon of Uddhav Thackeray
इससे पहले भी उद्धव ने विभिन्न राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि ‘‘नाकाम’’ वादों और नोटबंदी का प्रभाव पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर होगा जहां लोग ‘‘बदलाव’’ के पक्ष में हैं। पार्टी के अपनी सहयोगी भाजपा के साथ तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। शिवसेना मुंबई में स्थानीय निकाय चुनाव अकेले दम पर लड़ रही है। पार्टी ने कहा कि इन विधानसभा चुनावों के नतीजे देश की राजनीति में बदलाव की शुरूआत होंगे। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के एक संपादकीय में लिखा कि 2014 के लोकसभा चुनाव और आज के माहौल में काफी अंतर है। इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे नोटबंदी और नाकाम वादों को लेकर मतदाताओं के मोहभंग को परिलक्षित करेंगे। पार्टी ने कहा कि नाकाम वादों से लोगों के सपने टूटे हैं और इससे नतीजे प्रभावित होंगे।
Shiv Sena is going through a steady downfall after the demise of Bal Thackeray. Clueless Uddhav Thackeray is only accelerating the pace.
— Anti Trash (@anti_trash) February 4, 2017
#BJP gave Uddhav Thackeray a lifeline after Bal T's death without which he'd have been a spent-force. Now they must reap what they sowed.
— GhoseSpot (@SandipGhose) February 4, 2017
Uddhav Thackeray Breaks Alliance With BJP.
Uddhav Thackeray Without #BJP Is Like Team India Without Kohli. pic.twitter.com/FG3KLi8hk7
— Sir Ravindra Jadeja (@SirJadeja) February 4, 2017
India fell to Islamic invaders because we had weak leaders like Uddhav Thackeray, @yadavakhilesh @ArvindKejriwal and #Pappu. We must learn.
— रवि कांत (@LegalKant) February 4, 2017
Every son is not his father. Likes of Uddhav Thackeray lack courage. Their weak leadership must be taken away from them. @ShivSena must act.
— रवि कांत (@LegalKant) February 4, 2017
Shivsena has become #FakeSena. They themselves don't know that which side they're. Uddhav Thackeray is trying to reap benefit from both ends
— Anshul Saxena (@AskAnshul) February 3, 2017
Uddhav Thackeray says he wasted 25yrs with BJP
Let's watch if he can sustain his political career even for 5yrs now without BJP!!— Adv. Pragya Bhushan (@pragya_bhushan) January 26, 2017
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