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यूजर्स ने लगाई चेतन भगत की क्लास, बोले- अंग्रेजी के राइटर होकर ग्रामर में पस्त हो

सोशल मीडिया पर उन्होंने अपने पोस्ट में गलत अंग्रेजी का इस्तेमाल क्या किया, जिस पर लोगों का गुस्सा उन पर फूट पड़ा।

लेखक चेतन भगत अपनी किताबों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। मगर इस बार वह अपनी एक गलती के कारण सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपने पोस्ट में गलत अंग्रेजी का इस्तेमाल क्या किया, जिस पर लोगों का गुस्सा उन पर फूट पड़ा। कुछ लोगों ने उनका मजाक बनाया, तो कुछ ने उनकी अंग्रेजी पर ही सवालिया निशान लगा दिए। कहा कि अंग्रेजी के राइटर हो और फिर भी ऐसी गलती गलती करते हो। चेतन ने अपने पोस्ट में सी (See) के बजाय सॉ (Saw) लिखा था, जो कि वाक्य में व्याकरण के आधार पर गलता था। हालांकि, बाद में उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी है। दरअसल, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने हाल में ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन-अपार संभावनाएं’ नाम से 32 पेजों की एक बुकलेट जारी की है, जिसमें राज्य की प्रमुख धरोहरें और सांस्कृतिक रूप से महत्व रखने वाले स्मारकों के नाम हैं। आगरा के ताज महल का नाम इसमें से गायब था, जिसे लेकर चेतन की यह टिप्पणी आई है।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के जरिए उन्होंने बुधवार को (चार अक्टूबर 2017) पूछा कि क्या लोग ताज महल को मुस्लिम या इस्लामिक स्मारक के तौर पर देखते हैं। ट्वीट में लिखा, एक भारतीय के नाते क्या आपने कभी ताज महल को मुस्लिम स्मारक के तौर पर देखा है (जैसा कि वॉशिंगटन पोस्ट कह रहा है कि उसे मुस्लिम स्मारक होने के चलते नजरअंदाज़ कर दिया गया)।

यहां उन्होंने सी (See) के बजाय सॉ (Saw) का इस्तेमाल किया था। शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि उनकी टिप्पणी में जरा सी चूक बवाल की वजह बन जाएगी। उन्होंने बिना पढ़े अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट की थी, जिस पर यूजर्स ट्रोल कर उनकी टांग खींचने लगे। बेशक चेतन के इस ट्वीट पर ढेर सारे कमेंट आए, जिसमें उनकी किरकिरी और आलोचना की गई। मगर इसके साथ ही आम लोगों की ताज महल के प्रति राय भी जाहिर हुई। 84 फीसद लोगों ने ताज को भारतीय स्मारक माना। उनका कतई यह मानना नहीं था कि उसे किसी मुगल शासक ने बनवाया है।

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