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आधार को अनिवार्य बनाने पर तुली मोदी सरकार की ट्विटर पर फजीहत, यूजर ने कहा- “पहले आधार, फिर प्यार”

सोमवार को आधार कार्ड की अनिवार्यता पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया कि कल्याणकारी योजनाओं में लाभ के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता है।

आधार को अनिवार्य बनाने पर तुली मोदी सरकार का उड़ा मजाक।

आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने में जुटी केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं में लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती है। कोर्ट का फैसला आने के बाद ट्विटर पर भी यूजर्स ने मोबाइल कनेक्शन, डीएल और इनकम टैक्स फाइल करने में आधार कार्ड को अनिवार्य करने पर सरकार पर निशाना साधा और मजाक उड़ाया। लोग फनी तस्वीरें शेयर करके सरकार के इस फैसले पर अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। 2009 में पहचान प्रमाण पत्र की तौर पर शुरू किए गए आधार कार्ड प्रोग्राम को मौजूदा सरकार अनिवार्य बनाने में लगी है। दरअसल आधार कार्ड बायोमैट्रिक पहचान प्रोग्राम है, जिसमें अंगुलियों के निशाना और आई रैटिना की जरुरत होती है। जिससे ट्रैक किया जाना आसान है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए और लाइसेंस रीन्यू कराने के लिए भी आधार को अनिवार्य करने वाली है। जिससे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के खेल को रोका जा सके। इसके अलावा मोबाइल सर्विसेज में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए और इससे निपटने के लिए और उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड रखने के लिए आधार बेस्ड वेरिफिकेशन की तैयारी कर रही है। यही नहीं सरकार मिड-डे मिल, सरकारी राशन, इनकम टैक्स दाखिल करने इत्यादि के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है। सरकार के इस कदम ने सोशल मीडिया यूजर्स को परेशानी में डाल दिया है वह अभी भी हैरान हैं कि आधार कार्ड उनके लिए “अनिवार्य है”, “स्वैच्छिक है” या “स्वेच्छा से अनिवार्य है”।