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अरविंद केजरीवाल पर ट्विटर यूजर्स ने ली चुटकी, अबकी दफा केजरी बेवफा twitter पर छाया

सोनम गुप्ता तो सिर्फ अपने प्रेमी के लिए बेवफा है,पर @ArvindKejriwal तो अपने गुरु,राज्य,देश हर किसी के लिए बेवफा है #अबकी_दफा_केजरी_बेवफा।

Author November 21, 2016 12:56 AM
अरविंद केजरीवाल का नाम लिखा नोट।

अरविंद केजरीवाल के नोटबंदी के खिलाफ लगातार बयानों और ट्वीटर पर पोस्ट की झूठी खबर को लेकर ट्विटर यूजर्स अरविंद केजरीवाल से खासे नाराज नजर आए। रविवार शाम में ट्विटर पर अबकी_दफा_केजरी_बेवफा ट्रेंड कर रहा था। इस ट्रेंड में अरविंद के खिलाफ कई तरह को पोस्ट यूजर्स द्वारा किए गए। दरहसल रविवार को अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट शेयर किया था जिसमें एक आदमी के पैसे ना मिलने पर बैंक में आत्महत्या करने की बात कही गई थी। बाद में ये साफ हुआ कि वो खबर झूठी है। इसके बाद से ही अरविंद केजरीवाल निशाने पर आ गए। इसके अलावा पिछले कुछ दिनो में सोशल मीडिया पर सोनम गुप्ता के बेवफाई की खबरें भी छाई रही हैं। सोनम गुप्ता बेवफा है ऐसे लिखे हुए नोट सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहे थे। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के गलत ट्वीट को इससे जोड़कर ट्विटर यूजर्स ने ये ट्रेंड चला दिया।

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश करते हुए ट्विटर पर लिखा था कि ‘भाजपा ने (नोटबंदी से) हिंदुओं को बर्बाद कर दिया।’ केजरीवाल ने रविवार को ट्वीट किया, ”भाजपा कहती है हम हिंदुओं की पार्टी हैं। नोटबंदी में तो भाजपा ने हिंदुओं को भी नहीं छोड़ा। हिंदुओं को भी बर्बाद कर दिया।” तब भी उनके इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने आपत्ति जताते हुए इसे ‘घटिया राजनीति’ बताया है। केजरीवाल 8 नवंबर को फैसले की घोषणा के बाद से ही इसका विरोध करते रहे हैं। उन्‍होंने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि नोटबंदी के फैसले से जनता को भारी परेशानी हो रही है और 2000 का नया नोट शुरू करने से काला धन वालों को और आसानी होगी। 17 नवंबर को केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्‍ली की आजादपुर मंडी में रैली भी की थी। जिसमें केजरीवाल से मोदी सरकार पर नोटबंदी की आड़ में ‘घोटाला’ करने का आरोप लगाया था। रैली को संबोधित करते हुए अरविंद ने कहा था, ” कालाधन बाजार में फिर बड़ी मात्रा में आ गया है। कुछ लोगों को घर तक नोट पहुंचाये जा रहे है। यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। सरकार लोगों को अपना पैसा बैंकों में जमा करने के लिए मजबूर कर, उनसे 10 लाख करोड़ रूपए जमा करना और इस धनराशि का उपयोग मोदी के मित्रों का कर्जा माफ करने के लिए करना चाहती है।”