अपने सख्त और कड़े कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त का पदभार संभालने के बाद मुंढे अपने दोस्त के साथ एक होटल में खाना खाने गए थे, तब का एक दिलचस्प और सोचने पर मजबूर करने वाला किस्सा उन्होंने बताया है। हुआ यूं कि मुंढे अपने दोस्त के साथ एक होटल में खाना खाने गए थे। वहां उनके दोस्त ने ‘पनीर’ की सब्जी मंगवाई थी। अब हुआ यूं कि मुंढे की पैनी नजर ने तुरंत ही पकड़ लिया कि सब्जी में ‘पनीर’ नकली है, इसके बाद होटल संचालकों में हड़कंप मच गया!”
‘खाना खाने आया हूं, लेकिन नजर नियमों पर ही है’
NDTV Profit को दिए एक विशेष इंटरव्यू में तुकाराम मुंढे ने इस वाकये को याद किया। FDA आयुक्त का कार्यभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद एक दोस्त ने मुंढे को होटल में खाने का न्योता दिया था। होटल जाते समय मुंढे ने मजाक में दोस्त से कहा था, “मैं कहीं भी जाऊं, आसपास नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा, यह देखने की मुझे आदत है। इसलिए आज खाते समय भी मेरी नजर नियमों के उल्लंघन पर ही रहेगी।
“होटल में बैठने के बाद मुंढे के ध्यान में आया कि वहां खाद्य सुरक्षा का अनिवार्य लाइसेंस (Food Licence) प्रमुख जगह पर नहीं लगा हुआ था। साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कुछ सवाल उठाए। पनीर देखते ही बोले…”यह असली पनीर नहीं है!” उसी समय उनके दोस्त ने पनीर की सब्जी मंगवाई। मुंढे ने कहा “मैंने दोस्त को पहले ही कहा था, पनीर मत मंगवाना, क्योंकि वह मेरी नजर की जांच में शायद पास नहीं होगा।”।
टेबल पर पनीर की डिश आते ही मुंढे ने उसका बारीकी से निरीक्षण किया। उन्हें संदेह हुआ कि यह वनस्पति तेल और स्टार्च से बना ‘एनालॉग पनीर’ (Analogue Paneer) है। “मैंने होटल के कर्मचारियों से फिर पूछा, क्या यह वाकई असली पनीर है? मैंने जांचा तो यह निश्चित रूप से असली पनीर नहीं था,” मुंढे ने बताया और दोस्त को उसे खाने से रोक दिया।
24 घंटे का अल्टीमेटम और सीधी कार्रवाई
इस मामले के बाद मुंढे ने तुरंत कोई कार्रवाई न करके बहुत संयम से होटल प्रबंधन के सामने इस गंभीर मुद्दे को रखा। उन्होंने होटल संचालक को खामियां सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया। मुंढे ने कहा, “24 घंटे बाद मैंने अपने अधिकारियों को वहां जांच के लिए भेजा। दिए गए समय में सुधार हुआ है या नहीं, इसकी जांच की गई… और आगे क्या हुआ, वह इतिहास है”।
राज्य में ‘FDA’ का ताबड़तोड़ अभियान
2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने तीन महीने पहले ही महाराष्ट्र FDA के आयुक्त का पद संभाला है। पदभार संभालने के बाद से उन्होंने पूरे राज्य में मिलावटी भोजन और गंदगी के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। रेस्टोरेंट्स, आइसक्रीम पार्लर्स, डेयरी और ई-कॉमर्स केंद्रों पर उनका विशेष ध्यान है।
पिछले दो महीनों में 310 से ज्यादा जगहों पर जांच
नियमों का उल्लंघन करने वाले 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित हो चुका है। 750 से अधिक होटलों और प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किया जा चुका है।
आलोचना का सीधा और साफ जवाब
मुंढे की इस सख्त कार्रवाई और लाइसेंस निलंबित करने के तरीके पर कुछ लोगों द्वारा आलोचना भी हो रही है। ‘क्या यह कार्रवाई जरूरत से ज्यादा सख्त है?’ ऐसा सवाल उठाया जा रहा है। इस पर बोलते हुए मुंढे ने कहा, “अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा है, तो तुरंत कदम उठाना हमारा कर्तव्य है। अगर यह कार्रवाई ज्यादा लगती है, तो ‘सही मात्रा’ की परिभाषा क्या है, यह मुझे नहीं पता!”खुद की प्रसिद्धि के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, इस आरोप को भी उन्होंने खारिज कर दिया।
“यह मेरे बारे में नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और नागरिकों के स्वास्थ्य के बारे में है। जिस दिन FDA को कहीं भी कार्रवाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा और FDA को बंद करने का समय आ जाएगा, वह मेरे लिए सबसे खुशी का दिन होगा!” इन शब्दों में उन्होंने अपनी भूमिका स्पष्ट की। खैर, इस खबर पर आपकी क्या राय है?
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Tukaram Mundhe Makes Tea for Friends, Video Goes Viral: महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे भले ही पूरे राज्य में फ़ूड सेफ़्टी की देखरेख करते हैं लेकिन वीडियो में वे बस एक मेज़बान नजर आ रहे हैं जो दोस्तों के लिए चाय बना रहे हैं। रोहन भामकर के इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में मुंढे को एक कार्यक्रम के बाद अपने घर पर दोस्तों के लिए चाय बनाते हुए देखा जा सकता है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
