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मौलाना ने कहा- औरत की गलती से होते हैं तलाक, एंकर ने कहा- वाहियात बातें बंद कीजिए, माफी मांग‍िए

अॉल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) जदीद के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती रईस अशरफ ने कहा है कि सिर्फ औरत की गलती के कारण ही तलाक होते हैं।

Author नई दिल्ली | November 23, 2017 11:13 AM
एंकर सुमित अवस्थी (बाएं) और अॉल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) जदीद के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती रईस अशरफ।

अॉल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) जदीद के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती रईस अशरफ ने कहा है कि सिर्फ औरत की गलती के कारण ही तलाक होते हैं। यह बात जब उन्होंने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में कही तो एंकर सुमित अवस्थी भड़क गए और मौलाना से बेतुके बयान पर माफी मांगने को कहा। दरअसल तीन तलाक मामले पर मीडिया से बातचीत में मौलाना ने कहा, ”अगर औरत समझदार है, पढ़ी-लिखी है, अपनी पति की बातों को समझकर काम करती है तो कभी तलाक नहीं होगा”। मौलाना ने आगे कहा, ”जो शख्स इस्लाम के उसूलों को मानता है, वह मजहब के खिलाफ किसी कानून को मानने के लिए तैयार न होगा, न है और न आजतक किसी न माना है।” मौलाना ने कहा, ”शौहर कभी अपनी खुशी से तलाक नहीं देता। औरत की कोई न कोई गलती होती है, उसकी कमी होती है, इसलिए तलाक होता है।

जब मौलाना डिबेट में आए तो एंकर ने मौलाना अशरफ से माफी मांगने को कहा। इस पर उन्होंने उलटा एंकर से ही माफी मांगने को कह दिया। साथ ही यह भी कहा कि मजहब की बातें आप नहीं जानते हैं। इसके बाद सुमित अवस्थी ने कहा कि आपका मतलब है कि आप बहुत आला दर्ज के पढ़े-लिखे शख्स हैं और मैं अनपढ़ हूं और आपसे माफी मांगू। इस बात पर मौलाना ने कहा, आप पढ़े लिखे हैं, लेकिन बातें जाहिलों वाली कर रहे हैं। इसके बाद दोनों में जमकर तू-तू मैं-मैं हुई।

डिबेट में आगे मौलाना ने कहा, आप मजहब के खिलाफ बोल रहे हैं। इस पर अवस्थी ने कहा कि अगर मजहब की इतनी ही चिंता है तो आपने उसकी कुरीतियों को खत्म करने के लिए क्या किया। लेकिन मौलाना इन सब सवालों को दरकिनार कर गए और यही कहते रहे कि आप चाहते हैं कि महिलाएं इस्लामी कानून को न मानें। इस डिबेट में एक मेहमान और पेशे से वकील नाजिया इलाही खान ने कहा कि इस्लाम में औरत और मर्द को बराबर का दर्जा दिया गया है। उसकी आजादी क्यों कंट्रोल की जा रही है। उसे क्यों पढ़ने नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दहेज के लिए क्यों ये मौलवी नहीं बोलते हैं। इस पर जब एंकर ने मौलाना अशरफ की चुप्पी पर सवाल उठाया तो वह दोबारा भड़क गए। अन्य सामाजिक कार्यकर्ता अंबर जैदी ने मौलाना को जवाब देते हुए कहा कि आपको तो महिलाएं इंसान ही नहीं लगती हैं। लड़कियों को पढ़ाया नहीं जाता, उन्हें उनका हक नहीं दिया जाता। उनके साथ जुल्म होते हैं। आपको शर्म आनी चाहिए खुद को मौलाना कहते हुए।

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