मां आखिर मां ही होती है… सोशल मीडिया पर एक मां की चर्चा जोरों पर है। इस मां ने जैसे ही देखा कि ट्रेन उनके बच्चों की तरफ आ रही है उन्हें बचाने के लिए वे फौरन उनके ऊपर लेट गईं। उन्होंने अपनी जान की जरा भी परवाह नहीं की ना ही अपने बारे में सोचा। लोगों का कहना है कि वह मां ही ऐसा कर सकती है, मां ने अपनी जान, अपनी तकलीफ की परवाह नहीं की क्योंकि उसकी जिंदगी तो उसके बच्चे हैं, चलिए बताते हैं कि माजरा क्या है।

हुआ क्या था-

दरअसल, वीडियो में प्लेटफॉर्म और गुज़रती ट्रेन के बीच की संकरी जगह में बच्चे दीवार से सटकर खड़े दिख रहे हैं, जबकि उनकी मां उन्हें बचाने के लिए उनके ऊपर पूरी तरह आड़ बनकर झुकी हुई थीं। उनके पास से जैसे ही ट्रेन तेज़ी से गुज़री ऐसा लगा कि खतरे का सारा असर मां पर ही पड़ा, एक पल के लिए ट्रेन उन्हें छूती हुई भी गुज़र रही है। जब ट्रेन मां और बच्चों के बेहद करीब से गुज़र रही है तो प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े लोगों की चीखें सुनाई दे रही हैं। ट्रेन के वहां से गुज़रने तक मां और बच्चे दीवार से सटकर खड़े रहे, आप इस वायरल वीडियो को देखकर घटना का अंदाजा लगा सकते हैं।

ट्रेन के गुज़रने के बाद परिवार को वहां उठते हुए देखा गया, जबकि प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद लोग मदद करने के लिए उनके पास भागकर जा रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे वे मौत के बेहद करीब से सुरक्षित बच गए। यह वीडियो ‘भारत माता के सेवक’ नाम के एक अकाउंट से एक्स पर शेयर किया गया था। इसमें मां को एक “ह्यूमन शील्ड” यानी इंसानी ढाल बताया गया, जिसने अपनी जान से ज़्यादा अपने बच्चों की जान को अहमियत दी।

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लोगों ने कहा- असली हीरो

इस हैरान करने वाले वीडियो को देखकर कई लोगों ने बच्चों की सुरक्षा करने के लिए मां की तारीफ़ की। एक यूज़र ने इसे मां की सहज प्रवृत्ति बताया और कहा कि ऐसी स्थिति में सोचने-समझने का समय ही नहीं मिला होगा। यूज़र ने उसकी हिम्मत की तारीफ़ करते हुए कहा, “वह एक हीरो हैं।” एक और यूज़र ने इस वीडियो को “देखने में हैरान करने वाला” बताया और कहा कि हर माता-पिता स्वाभाविक रूप से अपने बच्चों की रक्षा करेंगे। यूज़र ने आगे कहा, “अपने बच्चों को बचाने वाली महिला के लिए सम्मान है।”

हालांकि, इस वीडियो की आलोचना भी हुई, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि परिवार आखिर उस खतरनाक जगह पर पहुंचा कैसे। एक यूज़र का तर्क था कि मां बहादुरी नहीं दिखा रही थी, बल्कि सुरक्षित रास्ते से जाने के बजाय उन्हें वहां ले जाकर उसने खुद को और अपने बच्चों को खतरे में डाल दिया था। एक और यूज़र ने भी हालात पर सवाल उठाते हुए पूछा, “वे वहां पहुंचे कैसे?” खैर, इस मां के बारे में आपकी क्या राय है।

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फ्रैगल अपने दो हफ्ते के मरे हुए बच्चे को 6 दिन तक हिंद महासागर में अपने साथ लेकर तैरती देखी गई। एक पल के लिए भी उसने अपने बच्चे को छोड़ा नहीं। इसके पहले भी डॉल्फिन फ्रैगल के साथ बहुत बुरा हो चुका है वह इस दर्द को पहले भी महसूस कर चुकी है, वह इसी तकलीफ से पहले भी टूट चुकी है। रिसर्चर्स के मुताबिक ऐसा पहली बार नहीं है फ्रैगल इससे पहले भी अपने 4 बच्चे खो चुकी है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…