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सोशल मीड‍िया पर शेयर की जा रही टाइम्‍स नाउ की एक और गलती- केरल में छात्रों के व‍िरोध प्रदर्शन को बताया भाजपा का

ये सभी मेडिकल के छात्र हैं जो कि मेडिकल कोर्स में बढ़ाई गई फीस के विरोध में प्रदर्शन कर रह थे।
स्टूडेंट यूनियन ने केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा के घर के बाहर नीले झंडे लेकर प्रदर्शन मार्च आयोजित किया था।

इन दिनों सोशल मीडिया पर टाइम्स नाउ छाया हुआ है। हाल ही में टाइम्स नाउ ने अपने ट्विटर हैंडल पर केरल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोगों का एक वीडियो अपलोड किया था। टाइम्स नाउ के अनुसार ये प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ता और केरल स्टूडेंट यूनियन छात्र थे। चैनल के अनुसार राज्य में बढ़ रहे चिकनगुनिया के केस को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस वीडियो में एंकर और रिपोर्टर इन प्रदर्शनकारियों को बार-बार बीजेपी का बता रहे थे जबकि ये सभी प्रदर्शनकारी छात्र थे। टाइम्स नाउ की यह गलती सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। अपनी गलती सुधारते हुए चैनल ने इस वीडियो को यूट्यूब से तो डिलीट कर दिया लेकिन यह वीडियो चैनल के ट्विटर हैंडल से डिलीट नहीं किया गया है।

इस वीडियो में टाइम्स नाउ ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कई बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए। इसी घटना का एक वीडियो एएनआई ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें बताया गया कि पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। बता दें कि केरल स्टूडेंट यूनियन कांग्रेस के छात्र विंग एनएसयूआई की केरल ब्रांच है। एएनआई द्वारा जारी किए गए वीडियो के अनुसार पुलिस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए हैं, जिनमें से कोई भी बीजेपी से ताल्लुक नहीं रखता है। ये सभी मेडिकल के छात्र हैं जो कि मेडिकल कोर्स में बढ़ाई गई फीस के विरोध में प्रदर्शन कर रह थे। स्टूडेंट यूनियन ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा के घर के बाहर नीले झंडे लेकर प्रदर्शन मार्च आयोजित किया था। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ राज्य में बुखार के कारण हो रही मृत्यु को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। टाइम्स नाउ ने इन दोनों घटनाओं को एक बताते हुए वीडियो जारी कर दिया।

वहीं कई मीडिया संस्थानों ने इस बात की पुष्टि की कि सरकार के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के प्रदेश समिती अध्यक्ष एम.एम हुसैन के नेतृत्व में केएसयू ने आयोजित किया था। केएसयू ने फीस में की गई बढ़ोत्तरी के खिलाफ पिछले हफ्ते ही प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया था। गौरतलब है कि टाइम्स नाउ ने इस प्रकार की गलती पहली बार नहीं की है। इससे पहले 23 जून, 2017 को चैनल ने प्राइम टाइम शो के दौरान सात साल पुरानी फोटोशॉप्ड तस्वीर चला दी थी। जिस प्रोग्राम में इन तस्वीरों को दिखाया गया था, उसमें कुछ 2014 की तस्वीरें भी शामिल थीं। शिवसेना के समाचार पत्र ‘सामना’ में भी करीब सात साल पहले ये स्टोरी छप चुकी थी।

 

देखिए वीडियो

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