कृषि क़ानून वापस लेने के खिलाफ हिंदू महासभा ने अलीगढ़ में अपने दफ़्तर से हटाई नरेंद्र मोदी की तस्वीर, नेता ने बताई ये वजह

हिंदू महासभा के अधिकारियों का कहना है कि जिसकी बात एक नहीं, उसका एक बाप नहीं। ऐसे नेता की तस्वीर हम अपने कार्यालय में नहीं लगाएंगे जो अपनी ही बातों से पलट जाए। आज कृषि कानून पर पलट गए हैं तो कल 370 और सीएए और एनआरसी जैसे कानून वापस भी वापस ले सकते हैं।

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हिंदू महासभा के अधिकारियों का कहना है कि जिसकी बात एक नहीं, उसका एक बाप नहीं।

तीन कृषि कानूनों के वापस होने के ऐलान के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने अपने अलीगढ़ के कार्यालय से पीएम मोदी की तस्वीर उतारकर वीडी सावरकर की तस्वीर लगा दी है। हिंदू महासभा के अधिकारियों का कहना है कि जिसकी बात एक नहीं, उसका एक बाप नहीं। ऐसे नेता की तस्वीर हम अपने कार्यालय में नहीं लगाएंगे जो अपनी ही बातों से पलट जाए। आज कृषि कानून पर पलट गए हैं तो कल 370 और सीएए और एनआरसी जैसे कानून वापस भी वापस ले सकते हैं।

ध्यान रहे कि बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने नए कृषि कानून को वापस लेने का फैसला किया, जिसका एक तरफ समर्थन होता दिखा तो कुछ लोगों ने इस फैसले से नाराजगी जताई है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा कार्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो गायब हो गया है। कानून वापसी से महासभा सहमत नहीं है।

हालांकि बीजेपी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि जो हुआ वो काफी गलत है। हिंदूवादी छवि ही बीजेपी की ताकत है। हिंदू संगठन इस तरह के तेवर दिखाएंगे तो छवि को धक्का लगेगा।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री की तस्वीर हमने उस दिन लगाई थी जब उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाकर जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित की थी। लेकिन जिस तरह से सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लिए हैं इससे लगता है कि सरकार ने अलगाववादियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। अब तक सरकार जिन किसानों को अलगाववादी, खालिस्तानी गुंडे बता रही थी, उनके सामने घुटने टेककर दबाव में यह कानून वापस लिया है। उनका कहना था कि ऐसे तो सरकार कल को सीएए व एनआरसी और कश्मीर से धारा 370 को भी वापस ले लेगी।

उन्होंने कहा कि अगर फिर से दिल्ली में सीएए और एनआरसी को लेकर लोगों के साथ आतंकवादी धरने पर बैठेंगे तो सरकार दबाव में यह कानून भी वापस ले लेगी। सरकार ने अपनी कथनी और करनी में अंतर किया है। इससे समूचे देश का विश्वास प्रधानमंत्री ने तोड़ा है।

महासभा की महिला पदाधिकारी ने कहा कि वो पीएम मोदी की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। लेकिन राजा वो जो सिद्धांतों से समझौता न करे। आज वो सरकार के फैसले से आहत हैं। जो हुआ वो बहुत गलत हुआ। उनका कहना था कि पीएम ने राजनीति के लिए अपने सिद्धांतों की बलि दे दी।

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