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2जी फैसला: एनडीटीवी की एंकर से बोले कांग्रेस के मनीष तिवारी- उस दिन मुझे ग्रिल किया था, आज विनोद राय को भी करो

2जी स्कैम पर गुरुवार को फैसला आया है। 1.76 करोड़ के इस घोटाले में सभी 17 आरोपी बरी किए गए हैं। फैसले के बाद तत्कालीन सीएजी विनोद राय भी कांग्रेस के निशाने पर आए हैं।
कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने एनडीटीवी की महिला एंकर पर एक ट्वीट के जरिए हमला बोला है। (फोटोः फेसबुक)

कठिन सवाल करने के लिए एनडीटीवी की एंकर निधि राजदान आड़े हाथों ली गई हैं। कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने उनसे कहा है कि आपने उस दिन मुझे ग्रिल किया था। अब 2जी घोटाले के फैसले पर तत्कालीन सीएजी विनोद राय को भी ग्रिल कीजिए। बता दें कि 2जी स्कैम पर गुरुवार को फैसला आया है। 1.76 करोड़ के इस घोटाले में सभी 17 आरोपी बरी किए गए हैं। फैसले के बाद तत्कालीन सीएजी विनोद राय भी कांग्रेस के निशाने पर आए हैं। आरोप है कि तब उन्होंने राजनीतिक साजिश रची थी। मनीष तिवारी ने इसी के जरिए एनडीटीवी की महिला एंकर निधि राजदान को घेरा है। कांग्रेसी नेता कुछ दिन पहले एनडीटीवी की एक चर्चा में शामिल हुए थे। राजदान उसे मॉडरेट कर रही थीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तिवारी से कुछ कठिन सवाल किए थे, जिसे लेकर उन्होंने अब उनकी निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगाए हैं। हालांकि, निधि ने इस पर अपना जवाब दिया है और कहा कि उनका काम कठिन सवाल पूछना ही है।

मनीष तिवारी ने गुरुवार को इसी बाबत टि्वटर पर लिखा, “निधि, अगर मुझे ठीक से याद है तो उस दिन विनोद राय की मनोहर कहानी- सीएजी रिपोर्ट में 1.76 करोड़ रुपए का घोटाला होने का आरोप लगा था। मैं उस दिन 9-10 के बीच हुए शो में था। आप एंकरिंग कर रही थीं। वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वर्दराजन भी वहां थे। आप लोग मुझ पर हावी हो रहे थे।”

अगले ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा, “निष्पक्ष और शांत एंकर निधि राजदान, अब आप विनोद राय से भी कठिन सवाल करिए। आप उन मूर्खों के सामने तब बहुत सभ्य हो गई थीं और हमने यहां तक कि इसे तब नॉर्थ कोरियाई चैनल नहीं बताया था। हमने अपनी मौजूदगी से उनके शो की गरिमा बनाए रखी।” निधि ने भी इस पर अपना जवाब दिया। उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट या अन्य चीजों के आधार पर कठिन सवाल करना हमारा काम है।”

2जी घोटाले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। जज ओपी सैनी की सीबीआई की विशेष अदालत मनमोहन सिंह सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में हुए घोटाले पर गुरुवार को निर्णय दिया। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोझी के अलावा अन्‍य को आरोपी बनाया गया था। राजा और कनीमोझी सुबह में कोर्ट पहुंच गए थे। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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