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टीवी डिबेट: महिला बीजेपी नेता ने हलाला को कहा वेश्यावृत्ति, वकील से बोले मौलाना-तुम दलाली मत करो

तीन तलाक के मुद्दे पर न्यूज 18 के शो-हम तो पूछेंगे में जोरदार बहस हुई। हलाला की मुखालफत कर रही महिला वकील पर भड़के मौलाना ने बीजेपी का दलाल बता दिया।

Author नई दिल्ली | February 9, 2018 9:38 PM
तीन तलाक का मुद्दा इन दिनों पूरे देश में सुर्खियों में है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बरेली में तीन तलाक के बाद महिला के सामने ससुर की ओर से हलाला की शर्त रखी गई। इस मुद्दे को लेकर न्यूज 18 टीवी चैनल पर डिबेट हुई। विषय था-हलाला पर हलचल। आखिरी वक्त में बहस काफी गरमा गई जब मौलाना ने हलाला की खिलाफत कर रही महिला वकील को दलाली न करने की नसीहत दी। इसको लेकर दोनों में काफी तीखी नोकझोंक हुई। एंकर सुमित अवस्थी ने मौलाना अब्दुल से पूछा, क्या हलाला का मिसयूज हो रहा है? इस पर मौलाना ने कहा कि टीवी पर बैठकर जो लोग हलाला बयान करते हैं, वह हलाला नहीं हरामा है। इस्लाम, कुरान, हदीस और शरीयत हलाला की कतई तौर पर अनुमति नहीं देता। जो लोग शरीयत के नाम पर गलत काम कर रहे हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

जब एंकर ने कहा-क्या इस पर कानून बनाया चाहिए तो उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिससे हमारे साथ टकराव न हो। बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सोफिया ने बहस के दौरान हलाला को लीगल प्रोस्टीट्यूशन जैसा बताया। कहा कि यह बहुत गंदी चीज है, इसको लेकर कठोर से कठोर कानून बनाना चाहिए। एंकर सुमित अवस्थी ने कहा कि हैदराबाद में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की पूरी जमात जुटी है, क्या महिलाओं के हक में कोई आवाज उठने की उम्मीद है। सोफिया ने कहा कि तीन तलाक को चाहे पोलिटिकल इशू बनाइए या फिर रिलीजन इशू, लेकिन इसे खत्म होना चाहिए। सोफिया ने हलाला को बेशर्मी भरा एक्ट बताया। दूसरे मौलाना अहमद फय्याज ने तीन तलाक और हलाला के बचाव में कहा कि इसको लेकर सरकारी कानून की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि यह कानून इंसान ने नहीं बनाया है, यह शरीयत का मामला है।

अय्याज ने आरोप लगाया कि तीन तलाक को लेकर सरकार की नीयत खराब है, बीजेपी वाले सिर्फ वोट के लिए सब कुछ कर रहे हैं तो एंकर सुमित ने कहा कि अय्याज साहब क्या आप लोगों की नीयत ठीक है ? उधर मौलाना नदीमुद्दीन ने तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बेवजह आ बैल मुझे मार की तर्ज पर इसमें घुस रही है, इस पर वकील नाजिया इलाही खान ने कहा कि क्यों नही सरकार दखल दे, सरकार का तो यही काम है। इस पर मौलाना नदीमुद्दीन ने चुप रहने की सलाह दी तो वकील ने कहा-बिल्कुल नहीं चुप होऊंगी। बहस बढ़ने के बाद मौलाना ने वकील को बीजेपी की दलाल बता दिया तो एंकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुमित अवस्थी ने कहा कि आप लोग निजी आक्षेप मत लगाइए, जो लोग देख रहे होंगे, वे क्या सोचेंगे।

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