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पार्टी की रैली में भीड़ जुटाने के लिए रुपये और शराब की पेटियां बांटते पकड़ा गया विधायक, वीडियो वायरल

एमजीआर शताब्दी समारोह में रविवार को भीड़ जुटाने के उद्देश्य से विधायक ने शराब और रुपए बांटे थे। हालांकि विधायक आर कनगराज ने सोमवार को अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

तमिलनाडु में सत्तारुढ़ पार्टी एआईएडीएमके के विधायक आर कनगराज (स्क्रीनशॉट/यूट्यूब)

तमिलनाडु में सत्तारुढ़ पार्टी एआईएडीएमके के एक विधायक का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक शराब की पेटियां और रुपए बांटते हुए दिखाई दे रहे हैं। एनडीटीवी के मुताबिक एमजीआर शताब्दी समारोह में रविवार को भीड़ जुटाने के उद्देश्य से विधायक ने शराब और रुपए बांटे थे। हालांकि विधायक आर कनगराज ने सोमवार को अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को शराब नहीं बल्कि लंच बॉक्स बांट रहे थे और आने-जाने के लिए पैसे दे रहे थे।

सोशल मीडिया पर इस वक्त यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में सुलूर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक कनगराज शराब के बॉक्स के बगल में बैठे दिखाई दे रहे हैं और साथ ही उनके बगल में पार्टी का एक कार्यकर्ता हाथ में रजिस्टर और पेन लिए खड़ा हुआ है। इसके अलावा एक अन्य कार्यकर्ता पैसों को गिनते हुए दिख रहा है। वीडियो में देखकर ऐसा लग रहा है जैसे वह 2000 रुपए के नोटों को गिन रहा है। कनगराज का कहना है कि उन्होंने कार्यक्रम में जाने वाले लोगों के लिए 60 बसों का इंतजाम किया था और वह शराब नहीं बल्कि बसों के लिए पेट्रोल के पैसे और लोगों को खाना व पानी दे रहे थे।

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बता दें कि विधायक कनगराज ने कुछ दिनों पहले कहा था कि आरके नगर निर्वाचन क्षेत्र के सभी वोटर्स पैसों की ताकत के पीछे नहीं भागेंगे बल्कि वे सभी एआईएडीएमके को ही वोट देंगे। आरके नगर की सीट पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद से खाली है, इसके लिए जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। इस सीट के लिए चुनाव इस साल की शुरुआत में एक बार रद्द किया जा चुका है। चेन्नई के तहत आने वाले आरके नगर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव आयोग को इसलिए रद्द करना पड़ा कि वहां बड़े पैमाने पर मतदाताओं को खरीदे जाने की शिकायतें थीं। जो चीजें बांटी जा रही थीं उनमें नकद राशि के अलावा साड़ी, हैट, रिचार्ज कूपन से लेकर अखबार की ग्राहकी तक बहुत कुछ शामिल था। इस उपचुनाव में वोट खरीदने के काम में सबसे ज्यादा सक्रिय अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ता थे। असल में अन्नाद्रमुक के लिए यह उपचुनाव बहुत मायने रखता था क्योंकि आरके नगर सीट जयललिता के निधन के कारण खाली हुई है। यहां से चुनाव जीतने का मतलब होगा जयललिता की विरासत पर हक जताना।

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