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वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी: डिबेट में अग्निवेश से फिल्मकार ने पूछा- स्वामी जी आपका इनसे क्या कनेक्शन है?

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि स्वामी ​अग्निवेश जिस तरह का भेष रखकर जिन लोगों का साथ देते हैं, वह वेशभूषा को शोभा नहीं देता है। आप जिन लोगों का समर्थन करते हैं। उनकी विचारधारा और उन लोगों की वजह से देश को कितना नुकसान पहुंचता है।

स्वामी अग्निवेश (एक्सप्रेस अर्काइव फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने 5 राज्यों में छापेमारी की है। इन छापेमारियों पर चर्चा करने के लिए न्यूज चैनल पर आयोजित डिबेट में फिल्म निर्देशक विवेक ​अग्निहोत्री और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश आमने—सामने आ गए। दरअसल विवेक ​अग्निहोत्री ने ये कहा था कि जिस अदालत से देश में हिंसा फैलाने वाले फैसले सुनाए जाते हैं। उस अदालत के चीफ जस्टिस स्वामी अग्निवेश हैं।

समाचार चैनल आज तक पर हो रही इस बहस में स्वामी ​अग्निवेश ने विवेक अग्निहोत्री के बयान पर अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा, ”मैं इंसानों ही नहीं पशु—पक्षियों की हिंसा का भी विरोधी हूं। मैं हिंसा की संपूर्ण संस्कृति का विरोधी हूं। आखिर किस आधार पर आप ये कह रहे हैं कि मैं किसी किस्म की हिंसा का समर्थक हूं। अगर आपके पास कोई सबूत है तो वह देश की जनता के सामने लाइए, आम आदमी भी समझे कि आखिर क्यों लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है?” इस पर विवेक अग्निहोत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर आप हिंसा के समर्थक नहीं हैं तो देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों का समर्थन क्यों करते हैं?

विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि आप लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। आप क्यों ये बात नहीं कह रहे हैं कि इस मामले पर जांच होनी चाहिए। आपके ऊपर अटल जी की रैली पर हमला हुआ था। ये आपका निजी मामला था। इसे इस मामले से जोड़ने की कोशिश न कीजिए। ये देश के ऊपर हमला है। आपका असली लड़ाई प्रधानमंत्री के साथ है। आप विरोध किस बात का कर रहे हैं। अगर उनकी नीतियां गलत हैं तो आप आतंकवादियों का समर्थन करेंगे। आप देश के दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं।

स्वामी ​अग्निवेश ने कहा, ये कितनी हास्यास्पद बात है​ कि देश के प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बनाई जाए और वह ई—मेल पर सर्कुलेट हो और लीक हो जाए। ये साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार की मंशा झूठे बहाने गढ़कर विरोध करने वालों को किसी तरह से जेल के भीतर पहुंचाना है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन देश के सामने सबूत भी पेश किए जाने चाहिए, जिसके आधार पर छापेमारी और गिरफ्तारी की जा रही है।

स्वामी ​अग्निवेश की टिप्पणी पर असहमति जताते हुए विवेक अग्निहोत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि स्वामी ​अग्निवेश जिस तरह का भेष रखकर जिन लोगों का साथ देते हैं, वह वेशभूषा को शोभा नहीं देता है। आपको पता भी है कि आप जिन लोगों का समर्थन करते हैं। उनकी विचारधारा और उन लोगों की वजह से देश को कितना नुकसान पहुचता है। अभी तो सरकार ने सिर्फ जांच शुरू की है। आप अभी से इतना बेचैन क्यों हो रहे हैं? अगर वह दोषी नहीं है तो बेकसूर साबित होकर बाहर आ जाएंगे।

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