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CRPF की गाड़ी से युवक के कुचले जाने की फोटो पर भड़की कश्‍मीर पुलिस, दिखाया दूसरा पहलू

श्रीनगर और बड़गाम जिलों में ऐहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड भी कम कर दी गई है, ताकि कोई भड़काऊ पोस्ट या तस्वीरें अपलोड नहीं कर सके।

कश्‍मीर पुलिस द्वारा जारी फोटो में प्रदर्शनकारी जीत पर हमलावर दिख रहे हैं। (Photo: J&K Police/Twitter)

श्रीनगर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ के वाहन से कुचलकर घायल हुए युवक ने शनिवार को दम तोड़ दिया। पहले से ही अस्थिर श्रीनगर में 21 वर्षीय युवक के जनाजे में शामिल सैकड़ों स्थानीय लोगों ने जमकर नारेबाजी की। शुक्रवार को हुई घटना में युवक के साथ दो अन्य लोग भी घायल हुए थे। जम्मू एवं कश्मीर में रमजान के दौरान घोषित संघर्षविराम के बीच इस घटना से हिंसा भड़कने की आशंका के चलते प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह अगले सप्ताह घाटी का दौरा करने वाले हैं। वह केंद्र सरकार द्वारा 16 मई को रमजान के दौरान घोषित संघर्षविराम के बाद के हालात की समीक्षा करने वाले हैं।

सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर हिजबुल कमांडर समीर टाइगर की कब्र का अपमान करने और नागरिकों की हत्या करने के विरोध में अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। सोशल मीडिया पर विभिन्‍न पत्रकारों व समाजसेवी संगठन सुरक्षा बलों के रवैये पर सवाल उठा रहे थे, जिसका जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने जवाब दिया है। दरअसल, एक स्‍थानीय पत्रकार ने फोटो डालकर कहा था कि ”सुरक्षा बलों की जीप एक प्रदर्शनकारी को रौंद रही है।” इसपर कश्‍मीर पुलिस ने दूसरे एंगल से उसी घटना की तस्‍वीर ट्वीट करते हुए कहा कि ”आपने इन्‍हें ट्वीट करने लायक नहीं समझा। सेलेक्टिव जर्नलिज्‍म।”

युवक की मौत के बाद और हिंसा भड़क उठी है। शनिवार को सैकड़ों लोगों ने इकट्ठा होकर कब्रिस्तान के पास ईदगाह मैदान की ओर मार्च किया और जनाजे की नमाज अदा की। भारत विरोधी नारे लगा रहे गुस्साए लोगों की भीड़ से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के धड़े अवामी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को जनाजे में शामिल होने से रोकने के लिए अधिकारियों ने उन्हें उनके आवास में नजरबंद कर दिया। जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासीन मलिक को भी श्रीनगर में गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीनगर और बड़गाम जिलों में मेबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी। ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड भी कम कर दी गई है, ताकि कोई भड़काऊ पोस्ट या तस्वीरें अपलोड नहीं कर सके। घाटी में युवक की मौत की पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया कि अगर सरकार के संघर्षविराम का मतलब बंदूक का इस्तेमाल नहीं है, तो फिर जीप का इस्तेमाल करो।

अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को टैग करते हुए कहा, “इससे पहले उन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोगों को जीप की बोनट से बांधकर गांवों के चारों ओर परेड किया। अब वे बस सीधे प्रदर्शनकारियों पर जीप चढ़ाने लगे हैं। क्या यह आपका नया एसओपी (मानक परिचालन प्रक्रिया) है।”

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