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बुरा ना मानना टिकैत भाई, किसी भी ऐंगल से आप किसान नहीं लगते- राकेश टिकैत ने सरकार पर बोला हमला तो लोग करने लगे ऐसे कमेंट

राकेश टिकैत ने ट्विटर पर लिखा कि ‘सरकारों का काम होता है, किसान आंदोलन को तोड़ना, फूट डालना या कमजोर करना। हमारा धर्म है किसानों की आवाज को और बुलंद करना।

Rakesh Tikait | Farmer protest| loudspeaker
किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो – पीटीआई)

भारतीय किसान यूनियन में फूट के बाद राकेश टिकैत ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार का काम ही है आंदोलन को तोड़ना, फूट डालना। राकेश टिकैत ने बताया कि किसान हितों पर कुठाराघात करते हुए कुछ लोगों ने भारतीय किसान यूनियन से अलग कथित संगठन बनाने की घोषणा की है। किसान हितों के विरोधी ऐसे तत्वों को तत्काल प्रभाव से बीकेयू से बर्खास्त किया गया है।

सरकार पर हमला बोलते हुए राकेश टिकैत ने ट्विटर पर लिखा कि ‘सरकारों का काम होता है, किसान आंदोलन को तोड़ना, फूट डालना या कमजोर करना। हमारा धर्म है किसानों की आवाज को और बुलंद करना। उनके अधिकारों की रक्षा करना। आखिरी सांस तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।’ सोशल मीडिया पर लोग राकेश टिकैत के इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा कि ‘ये कह कर आप उन 700 किसानों की बलि के कुकृत्य से बच नहीं सकते, आपको जनता को बताना होगा कि आप और योगेंद्र यादव,किसके लिए “पिच” तैयार कर रहे थे।’ पुरी अनूप नाम के यूजर ने लिखा कि ‘बुरा ना मानना टिकैत भाई, किसी भी ऐंगल से आप किसान नहीं लगते।’ देवेश सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ‘किसान नेता का काम सिर्फ किसानों के हक की लड़ाई लड़ना होता है ना कि राजनीति करना।’

कुलदीप नाम के यूजर ने लिखा कि ‘ज्यादा बड़बोले इंसानों के साथ ऐसे ही होता है, जैसे पूनम पंडित के साथ हुआ। कितने वोट मिले हैं उसको?’ सुनीत नाम के यूजर ने लिखा कि ‘बार-बार ट्वीट कर रहे हैं साहब, इसका मतलब है घाव गहरा है और को को आपको खा गया, ऐसा लगता है। घाव भी कायदे की लगी है।’

विनोद नाम के यूजर ने लिखा कि ‘बीजेपी सरकार का काम ही है फूट डालो और राज करो। जो इनके खिलाफ आवाज उठाएगा या तो उसके खिलाफ बल प्रयोग करेंगे या फिर उसमें फूट डालेंगे। मगर किसान और गरीब अब समझ गए है।’ नेमजी नाम के यूजर ने लिखा कि ‘बिल्कुल सही कहा आपने, किसान हमेशा विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करता आया है और करता रहेगा। आखिर में जीत किसानों की ही होगी।’

बता दें कि BKU के नाराज पदाधिकारियों और समर्थकों ने रविवार को भाकियू (अराजनैतिक) नाम के नए संगठन की घोषणा कर दी है। राजेश चौहान को इसका राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। अध्यक्ष व नए संगठन के अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि भाकियू, महेंद्र टिकैत के मूल सिद्धांतों से भटक गई है। ऐसे में हमें नया संगठन बनाना पड़ा।

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