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जब एक दूसरे से भिड़ गए थे अखिलेश यादव और रवि किशन – एक्टर ने यश भारती पुरस्कार को लेकर सपा प्रमुख पर था साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व गोरखपुर के सांसद रवि किशन एक बार लोकसभा सत्र के दौरान एक दूसरे से भिड़ गए थे।

Updated: July 19, 2021 1:30 PM
जब लोकसभा सत्र के दौरान एक – दूसरे से भिड़ गए थे सपा प्रमुख और रवि किशन (फोटो सोर्स – सोशल मीडिया)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व गोरखपुर के सांसद रवि किशन एक बार लोकसभा सत्र के दौरान एक दूसरे से भिड़ गए थे। दरअसल अखिलेश यादव ने संसद में कहा था कि हमारी सरकार के दौरान यश भारती पुरस्कार के साथ 50 हजार की धनराशि दी जाती थी जो यह सरकार देगी या नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि यह पुरस्कार रवि किशन को भी दिया गया था। उनकी इस बात पर रवि किशन भड़क गए थे। जिसके बाद उन्होंने बताया इस तरह का कोई भी पुरस्कार मुझे नहीं दिया गया है।

दरअसल संसद में प्रश्नकाल के दौरान पद्म पुरस्कारों से जुड़ा एक प्रश्न पूछने के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में पूर्व की सपा सरकार के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों को यश भारती व पेंशन के तौर पर 50 हजार मासिक की राशि देने की बात कही थी। अखिलेश यादव ने अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा था कि, ‘ स्पीकर जी मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं मैं यह बात बुधवार को ही कहने वाला था। मंत्री जी बहुत अच्छा बता रहे हैं कि देश के विभिन्न कलाकारों को सम्मानित कर रहे हैं। मुझे खुशी है इस बात की उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में पद्मश्री और इस तरह की अवार्ड से लोग सम्मानित हुए हैं। माननीय अध्यक्ष जी मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि जब उत्तर प्रदेश में यश भारती सम्मान प्राप्त करने वाले लोगों को एक सम्मान राशि दिया जाता है। इसी तरह पद्मश्री प्राप्त एक सम्मान राशि सरकार की तरफ से दी जाती थी। अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वालों को सम्मान राशि दी जाती थी।’

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय आपके माध्यम से मैं कह सकता हूं कि माननीय सदस्य यहां पर चुनकर आए हैं उन्होंने कला के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है उन्हें भी सम्मान राशि मिलती थी। वो माननीय सांसद रवि किशन जी हैं। उनकी इस बात पर संसद में बैठे गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने अपनी बात कहनी चाही। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उनको टोकते हुए कहा कि आप बैठ जाइए। अपनी बारी आने पर अपनी बात कहिएगा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल पूछते हुए कहा था कि आप के माध्यम से मैं माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं जिन विभूतियों को आप सम्मान देते हैं क्या उनके लिए सम्मान राशि भी पेंशन की तरह व्यवस्था की जाएगी। उत्तर प्रदेश में 50 हजार से लेकर ₹20 हजार रुपया प्रति महीने सम्मान राशि दी जाती थी। क्या भारत सरकार ऐसे लोगों को सम्मान राशि देने का काम करेगी?

उनके सवाल पर रवि किशन ने कहा था कि, ‘ धन्यवाद स्पीकर महोदय आपने मुझे बोलने का मौका दिया माननीय सदस्य अखिलेश जी ने मेरा नाम लिया कि मुझे 50 हज़ार रुपये की धनराशि मिलती थी। यश भारती एक सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार से मिलता था, जब इनकी सरकार थी लेकिन मैं इनकी जानकारी के लिए बता दूं कि मुझे ऐसा कोई सम्मान आपकी सरकार ने या मायावती की सरकार नहीं दिया है। कभी कोई सम्मान या कोई 50 हजार की राशि नहीं मिली है।’ रवि किशन के इस जवाब पर संसद में बैठे लोग ठहाके मारकर हंसने लगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बहस को देखकर ओम बिरला ने कहा था कि आप दोनों की एक बहस में बाद में करवा दूंगा।

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