सोया चंक्स वेज या नॉनवेज… सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है। “Soya Chunks Veg or Non Veg” सर्च ट्रेंड करने लगा है। इतना ही नहीं इंस्टा, फेसबुक पर सोयाचंक्स की रेसिपी भी काफी वायरल हो रही है। लोगों का कहना है कि यह “वेजिटेरियन चिकन” और “वेज मटन” है। असल में सोयाबीन चंक्स हमारी रसोई का एक आम हिस्सा है।

भारतीय के हर घर में लगभग सोयाबीन खाया जाता है। कई बार जब घर में कोई सब्जी नहीं होती है तो झटपट में इसकी करी बना ली जाती है। सोयाबड़ी फ्राई हो, वेज बिरयानी या पुलाव हर जगह इसका इस्तेमाल होता है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लोगों के बीच यह बहस हो रही है कि सोया चंक्स आखिर वेज है या नॉन-वेज?

सोया चंक्स वाली काफी सारी रेसिपी ट्रेंड में हैं औऱ वे वायरल हो रही हैं, इसे वेजेटेरियन नॉनवेज कहा जा रहा है। कई रेसिपी ऐसी हैं जिनका कंपेयर चिकन औऱ मटन से किया जा रहा है। कई फिटनेस इन्फ्लुएंसर इसे हाई-प्रोटीन मंचूरियन बताकर परोस रहे हैं। असल में इंस्टाग्राम पर #SoyaManchurian और #HighProteinVeg हैशटैग के साथ हजारों रील्स वायरल हैं जहां लोग इसे वेज चिकन बता रहे हैं, आप भी देख सकते हैं।

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सोया चंक्स का मीट जैसा चबाने वाला टेक्सचर और नॉन-वेज जैसा स्वाद देखकर कई लोग कंफ्यूज हो गए हैं कि कहीं इसमें मीट तो नहीं मिलाया जाता। और इन्हीं सब के बाद गूगल पर “Soya Chunks Veg or Non Veg” सर्च ट्रेंड करने लगा है। लोगों के अंदर यह जानने की उत्सुकता जान उठी है कि आखिर सच क्या है कहीं यह नॉनवेज तो नहीं।

तो आखिर सच क्या है ?

कई का मानना है कि सोयाबीन को काटकर सोया चंक्स बनाए जाते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सोया चंक्स पूरी करह 100 प्रतिशत वेज और पूरी तरह से प्लांट-बेस्ड होता है। मुख्य रूप से इसे डीफैटेड सोया आटे से तैयार किया जाता है।

सोया चंक्स कैसै और मीट जैसा टेक्सचर कैसे आता है?

सोया चंक्स बनाने के लिए सबसे पहले सोयाबीन से तेल निकाला जाता है। बींस को मशीनों के जरिए साफ किया जाता है ताकि धूल, कंकड़ और दूसरी गंदगी बाहर निकल जाए। इसके बाद इसके बाहरी छिलके को हटाया जाता है और फिर सबसे जरूरी काम किया जाता है वह है तेल निकालने का। तेल निकालने के बाद जो प्रोटीन से भरपूर हिस्सा बच जाता है, उसी से सोया चंक्स बनाया जाता है। बाद में इस बचे हुए हिस्से को पीसकर बारीक आटा तैयार किया जाता है। इस आटे में जरूरत के हिसाब से पानी मिलाया जाता है और फिर इसे एक खास मशीन में डाला जाता है, जिसे एक्सट्रूडर कहा जाता है।

एक्सट्रूडर के अंदर सोया के इस मिश्रण को तेज तापमान और दबाव के बीच गुजारा जाता है। इसे एक्सट्रूजन कहा जाता है। इसी से सोया प्रोटीन की बनावट बदली जाती है और उसे वो रेशेदार टेक्सचर मिलता है जो ‘मीट’ जैसा लगता है। इसी कारण सोशल मीडिया पर इसे वेज मीट कहा जा रहा है। मशीन से निकलने के बाद इसे चंक्स का रूप दिया जाता है। आखिर में इसे सुखाया जाता है ताकि सारी नमी निकल जाए। इसके बाद सूखे सोया चंक्स हल्के और जालीदार दिखते हैं। जब घर में इसे गर्म पानी में भिगोया जाता है तो यह पानी सोख लेते हैं और आकार में बड़े हो जाते है, जिसके बाद ये नरम व खाने लायक बन जाते हैं। तो यह पूरी तरह साफ की सोया चंक्स वेज है।

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